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    Home»देश»बीएचयू में जाति पूछकर छात्र को थप्पड़ मारना सही नहीं, शासन प्रशासन और सरकार दे ध्यान
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    बीएचयू में जाति पूछकर छात्र को थप्पड़ मारना सही नहीं, शासन प्रशासन और सरकार दे ध्यान

    adminBy adminApril 4, 2026No Comments9 Views
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    वाराणसी में बीएचयू में छात्र हिमांशु यादव द्वारा दूसरे छात्र प्रशांत मिश्रा की जाति पूछकर उसे थप्पड़ मारे गए। इसकी शिकायत प्रशांत ने विवि के मुख्य अधिकारी से लिखित में की। इस पर हिमांशु यादव को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से रात आठ बजे उसे जमानत मिल गई। क्षेत्र के थाने के इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है। फिलहाल विवि परिसर में किसी प्रकार का तनाव नहीं है। उनका कथन सही हो सकता है लेकिन शिक्षा के मंदिर में उच्च शिक्षा प्राप्त और एथ्रोपोलोजी में एमएससी कर रहे छात्र द्वारा जाति पूछकर दूसरे की पिटाई करना समझ से बाहर है। क्योंकि कालेज हो या सड़क छात्र हो या आम आदमी किसी मुददे पर उनमें मारपीट होना अलग बात है लेकिन बीएचयू जहां से बड़े विद्वान पढ़कर निकले और देशसेवा की एक छात्र दूसरे छात्र को जाति पूछकर पीटता है। इसे लेकर भले ही तनाव ना हो लेकिन ऐसे मामले कभी कभी समाज में काफी हानिकारक भी सिद्ध हो जाते हैं। यहां फिल्मों के नाम और संबोधन को लेकर ही बवाल हो जाते हैं। ऐसे में किसी की जाति पूछकर उसे पीटना कहां तक उचित है यह देखना बीएचयू प्रशासन का काम है लेकिन प्रदेश की कानून व्यवस्था और भयमुक्त वातावरण को ध्यान में रखकर मुझे लगता है कि यूपी सरकार के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को जरुरी निर्णय लेने चाहिए क्योंकि यूपी के ही मुजफ्फरनगर में एक शिक्षिका छात्र को थप्पड़ मारती है तो वो मामला देशभर में चर्चा का विषय बनता है और कई आयोग भी उसमें दखल देकर कार्रवाई कराते हैं तो यह दो जातियों का मुददा है। भगवान करे जैसा थानेदार कह रहे हैं वैसा ही हो और छात्र नेता आपस में बैठकर इस मामले का समाधान निकाले क्योंकि जिस प्रकार से एबीवीपी ने घटना की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की है उसे देखकर इस संभावना से इनकार नहीं कर सकते कि ऐसे मामले तूल पकड़ सकते हैं। मेरा तो मानना है कि सीएम, गृह सचिव और डीजीपी इस प्रकरण को दिखवाएं जिससे सभी संभावनाओं से छुटकारा मिल सके।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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