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    Home»देश»मुआवजा या सांत्वना देने से रुकने वाली नहीं है आग की घटनाएं, जिम्मेदार जड़ों पर करनी होगी चोट
    देश

    मुआवजा या सांत्वना देने से रुकने वाली नहीं है आग की घटनाएं, जिम्मेदार जड़ों पर करनी होगी चोट

    adminBy adminMarch 19, 2026No Comments7 Views
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    देशभर में आए दिन कहीं इलेक्ट्रोनिक वाहन या घरों व फैक्ट्रियों में आग से मरने व घायलों की खबरें अब आम हो गई हैं वरना ऐसे अग्निकांडों में कमी आने की बजाय निरंतर बढ़ोत्तरी नहीं हो रही होती। बीते दिनों इंदौर में ब्रजेश्वरी एन्कलेव कॉलोनी में ईवी कार चार्जिंग करते समय धमाके सेलगी आग में आठ लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो दो लाख व घायलों को ५०-५० हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं दिल्ली में हुए अग्निकांड में भी नौ लोगों के मरने की खबर है। बताते हैं कि दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के पालम इलाके के साधनगर में गत दिवस गाड़ी चार्ज करने के चक्कर में लगी आग से नौ लोगों की मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं में १७ लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। इनमें ३ बच्चे भी हादसे का शिकार हुए बताए गए हैं। दिल्ली में अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद ढाई किमी का सफर ४० मिनट में पूरा कर दमकल की हाइड्रोलिक मशीन पहुंची लेकिन बचाव कार्य शुरू करने से पहले उसकी लिफ्ट खराब हो गई। दूसरी गाड़ी आने में डेढ़ घंटे का समय लगा। आग में फंसे लोग अंदर ही फंसे रह गए जिन्हें बाद में दमकल कर्मियों ने निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया। एक खबर के अनुसार अग्निशमन कर्मियों के पास जीवन रक्षक जाल नहीं था। बताते हैं कि इस अग्निकांड में तीसरी मंजिल से उतरने की कोशिश में बच्ची गिरी और पिता भी कूदा।
    कभी पटाखा फैक्ट्री में तो कभी केमिकल फैक्ट्रियों में आग लगने की बात अब आम सी हो रही है। इन घटनाओं के उपरांत संवेदना व्यक्त करना और कुछ दिनों तक दुखी परिवारों से मिलना और सहायता राशि देकर कोई समझता हो कि पीड़ितों का दुख कम होता है तो वो संभव नहीं है। मेरा मानना है कि अगर हम सोचते हैं कि भविष्य में किसी का लाल इन कारणों से मां से ना बिछड़े तो हमें भ्रष्टों का पर्दाफाश करना होगा क्योंकि ऐसा नहीं होता है तो इन जैसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। इंदौर व दिल्ली की घटना इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग करते समय आग लगने से हुई तो मथुरा में स्कूली बच्चों को ले जा रही गाड़ी के पिछले हिस्से में आग लग गई और ड्राइवर अनभिज्ञ होकर उसे दौड़ाता रहा।
    मान्य प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी ऐसी घटनाओं को रोकना है तो सबसे पहले जहां यह घटनाएं पूर्व में ह़ुई वहां के नगर निगम विकास प्राधिकरण के अफसरों से जवाब तलब किया जाना चाहिए कि छोटी गलियों में जहां फायर बिग्रेड नहीं पहुंच सकती हैं उनमें अवैध निर्माण और केमिकल फैक्ट्रियां कैसे चलती हैँ। जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यह सही है कि ईवी वाहनों से प्रदूषण में कमी आ रही है और यह सस्ते पड़ते हैं लेकिन जिस प्रकार इनमें आग लगने के मामले सुनने को मिलते हैं उससे लगता है कि इनके निर्माण और चार्जिंग सिस्टम में कोई कमी जरुर रह रही है वरना इतनी दु़र्घटनाएं आग लगने की नहीं होती। अगर सिस्टम चाहता है कि आग की घटनाओं में कमी हो तो उसे इनके लिए जिम्मेदार जड़ों तक पहुंचकर उन वार करना होगा वरना सरकार मुआवजा देती रहेगी नेता सांत्वना देने पहुंचते रहेंगे और घटनाएं होती रहेंगी लोग मरते रहेंगे मगर कभी ना कभी तो जिम्मेदारों को सक्रिय होना ही पड़ेगा। तो फिर कल का इंतजार क्यों आज ही क्यों नहीं। जागरुकता अभियान चलाकर दोषियों को सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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