भीलवाड़ा 19 मार्च। राजस्थान के भीलवाड़ा चित्तौड़गढ़ सीमा पर स्थित बेगूं उपखंड क्षेत्र के पारसोली उप तहसील के अंतर्गत कितीयास गांव में मधुमक्खियों के दोहरे हमले ने भयावह स्थिति पैदा कर दी. मंगलवार को मधुमक्खियों के हमले में गंभीर घायल हुए 80 वर्षीय जमनेश पुत्र पन्नालाल सुखवाल निवासी पारसोली की बुधवार तड़के चित्तौड़गढ़ में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई.
घटना ने उस समय और विकराल रूप ले लिया जब पारसोली श्मशान स्थल पर उनके अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने दोबारा हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
इस हमले में करीब 50 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. इनमें से 8 गंभीर घायलों को चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया, जहां 83 वर्षीय भवानी शंकर पुत्र मोहनलाल शर्मा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 2 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. शेष घायलों का पारसोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कर छुट्टी दे दी गई.
घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया ने प्रशासनिक एवं चिकित्सा टीम को अलर्ट किया. क्षेत्र के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को तत्काल पारसोली भेजा गया. तहसीलदार गोपाल जीनगर व नायब तहसीलदार रामचंद्र वैष्णव भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मृतक जमनेश सुखवाल के अंतिम संस्कार के लिए विशेष व्यवस्था की. चिकित्सा विभाग की निगरानी में कुछ लोगों को पीपीई किट पहनाकर श्मशान भेजा गया, जहां सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया. वहीं भवानी शंकर शर्मा का अंतिम संस्कार चित्तौड़गढ़ में किया गया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है.
स्थानीय प्रशासन के रवैये को लेकर इलाके के लोगों में आक्रोश है.

