इमरजेंसी के दौरान नेताओं में सबसे चर्चित रहे पूर्व पीएम स्व इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के निधन के बाद उनका परिवार कांग्रेस से अलग हो गया। मेनका गांधी द्वारा अपनी अलग पहचान बनाई गई और फिर भाजपा का हाथ थाम लिया गया। तब से केंद्र में मंत्री रहीं मेनका गांधी और उनके पुत्र वरुण गांधी पिछले काफी समय से सत्ता की राजनीति के परिदृश्य से लगभग गुम से नजर आ रहे थे। मेनका गांधी तो कभी कभी एनिमल केयर के बारे में बयानों से चर्चा में रहती हैं और वरुण गांधी के बयान समाचारों में आते थे तो लगता था कि वो भी सक्रिय हैं लेकिन कई साल बाद उनके द्वारा गत दिवस पीएम मोदी से अपने परिवार पत्नी यामिनी राय चौधरी और बेटी अनसुइया के साथ दिल्ली में मुलाकात की जिसका फोटो देखकर लगा कि शायद मेनका और गांधी वरुण गांधी परिवार २०२७ में होने वाले यूपी विधानसभा और २०२९ के लोकसभा चुनाव की रणनीति के साथ पीएम से मिले या निजी मुलाकात रही, यह चर्चा का विषय तो है ही। कहते हैं कि जब नेता मिलते हैं तो कुछ ना कुछ तो होता ही है। ऐसा ही वरुण गांधी की पीएम से मुलाकात के पीछे भी कोई सियासी विचारधारा को सिरे चढ़ाने की योजना हो सकती है। एक समय में वरुण गांधी भाजपा के फायर ब्रांड नेता हुआ करते थे और चुनावी सभाओं में उन्हें भी मुख्य वक्ता के रुप में बुलाया जाता था। वरुण गांधी की बेबाक टिप्पणियों के बारे में तो सभी जानते हैं। मगर पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद शायद उन्हें समझ आ गया है कि राजनीतिक दल के प्रमुख नेताओं से तालमेल के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। देखना यह है कि इस मुलाकात के भविष्य में क्या परिणाम होते हैं। पुन मेनका और वरुण गांधी सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनते हैं या सिर्फ मुलाकातों तक सिलसिला थमेगा। वर्तमान में जो चर्चाएं पक्ष और विपक्ष के नेताओं में चलती है उससे पता चलता है कि आजकल सत्ता की राजनीति में कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों ना हो बिना प्रमुख नेताओं के आशीर्वाद के आगे बढ़ना संभव नहीं। फोटो के साथ कोई खबर तो नहीं है कि वरुण गांधी किस उद्देश्य से पीएम से मिले मगर राजनीतिक समीक्षकों का मत है कि अब शायद मेनका और वरुण गांधी के राजनीति में अच्छे दिन आने वाले हैं। कई लोग पीएम के साथ उनके फोटो देखकर कहने लगे हैं कि हो सकता है कि चुनावों से पहले ही वरुण और मेनका गांधी को किसी अच्छे पद का उपहार भी मिल सकता है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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