नई दिल्ली 18 मार्च। बाजार नियामक सेबी ने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अब नॉमिनी का विकल्प ‘डिफॉल्ट’ होगा। इसका मतलब है कि नॉमिनी जोड़े बिना ये खाते नहीं खोले जा सकेंगे। अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं रखना चाहता तो उसे साफ तौर पर अलग से इसकी घोषणा करनी होगी।
क्या है नया प्रस्ताव
SEBI ने अपने परामर्श पत्र में कुछ अहम बदलाव सुझाए हैं:
खाता खोलते समय नॉमिनी जोड़ना डिफॉल्ट होगा
नॉमिनी की ज्यादा जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ नाम और संबंध बताना होगा
पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी वैकल्पिक होगी
अब अधिकतम चार नॉमिनी जोड़े जा सकेंगे
अगर हिस्सेदारी तय नहीं की गई, तो रकम सभी नॉमिनी में बराबर बंटेगी
अगर कोई नॉमिनी नहीं रखना चाहता, तो उसे लिखित घोषणा देनी होगी
कब तक लागू हो सकते हैं नए नियम
SEBI ने इन प्रस्तावों पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 7 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद मिले फीडबैक के आधार पर अंतिम नियम तय किए जाएंगे। इससे पहले जनवरी 2025 में भी नॉमिनी से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे, लेकिन कुछ दिक्कतें सामने आने के बाद अब उन्हें और सरल बनाने की तैयारी है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। अगर नए नियम लागू होते हैं, तो निवेश प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

