नई दिल्ली 18 मार्च। देश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। योजना के तहत अब तक 43.52 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनमें 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए 1.14 करोड़ आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी शामिल हैं।
योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को कवर किया है, बल्कि हाल के वर्षों में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं सहित लाखों परिवारों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके अलावा, 70 वर्ष से अधिक आयु के करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाने के लिए अब तक 36,229 अस्पतालों को इस योजना के तहत जोड़ा गया है। इनमें 19,483 सरकारी और 16,746 निजी अस्पताल शामिल हैं, जिससे मरीजों को अपने नजदीक ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है।
योजना के तहत जारी हेल्थ बेनिफिट पैकेज के नवीनतम संस्करण में 27 चिकित्सा विशेषज्ञताओं के अंतर्गत 1,961 प्रक्रियाओं के लिए पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। अब तक 11.69 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसी के साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अब तक 86 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके हैं, जबकि 90 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके हैं। 2.5 लाख से अधिक स्वास्थ्य संस्थान ABDM आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक पारदर्शी और सुलभ बन रही हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में लिखित जवाब में इन उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के हर नागरिक तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, और आयुष्मान भारत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
देश में स्वास्थ्य सुरक्षा के इस मजबूत ढांचे के जरिए न सिर्फ इलाज का खर्च कम हो रहा है, बल्कि करोड़ों परिवारों को आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिल रही है।

