Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर सवाल उठाने वाले ? राज्यसभा से प्रदेश की राजनीति और विकास पर रहेगी पूरी नजर, पुत्र भी सत्ता का भार संभालने में पीछे नहीं रहेंगे
    • 124 सीटें जीतकर आरएसपी ने अपने नेता बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का रास्ता किया साफ
    • नांगलोई में बेकाबू DTC बस ने सड़क पर लोगों को कुचला, 3 की मौत; गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग
    • 10 साल बाद ‘मिस इंडिया अर्थ’ हिंदू धर्म में लौटीं, आतिफ से किया था प्रेम विवाह
    • मधुमक्खियों के हमले में सीओ समेत नौ घायल
    • उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह अपने पालतू कुत्ते के हमले में घायल
    • हमारा डीएनए एक है, सबके पूर्वज हिंदू थे : अवधेशानंद गिरी
    • अग्निवीर भर्ती: 4 चरणों में शारीरिक परीक्षा, इतने मिनट में दौड़ पूरी करने पर मिलेंगे 60 अंक
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर सवाल उठाने वाले ? राज्यसभा से प्रदेश की राजनीति और विकास पर रहेगी पूरी नजर, पुत्र भी सत्ता का भार संभालने में पीछे नहीं रहेंगे
    देश

    नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर सवाल उठाने वाले ? राज्यसभा से प्रदेश की राजनीति और विकास पर रहेगी पूरी नजर, पुत्र भी सत्ता का भार संभालने में पीछे नहीं रहेंगे

    adminBy adminMarch 9, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भाजपा से लुकी छिपी का खेल खेलते हुए गलबहियां करने में अत्यंत सफल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लगभग दो दशक का कार्यकाल उपलब्धियों भरा ही रहा यह कह सकते हैं। अब उनके द्वारा बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ राज्यसभा में जाने का जो निर्णय लिया गया है उसे लेकर कई मोर्चे पर काफी हायतौबा हो रही है। कोई इसे लालू नीतीश युग का अंत बता रहा है लेकिन मुझे लगता है कि राजनीति में ना किसी का अंत होता है ना एकदम उदय। उनके पुत्र निशांत कुमार नीतीश के मार्गदर्शन और लल्लन सिंह जैसे नेताओं के सहयोग से राजनीति में पर्दापण कर रहे हैं। कितने ही लोगों को यह हजम नहीं हो रहा है और वह तरह तरह की बातें कर रहे हैं। मुझे लगता है कि नीतीश कुमार का यह निर्णय समयानुकुल है। उन्होंने अपने बेटे को जिम्मेदारी देकर सुलझे हुए परिवार के मुखिया का संदेश दिया है। वो भले ही राज्यसभा में जा रहे हो मगर बिहार से उनका लगाव और इतने समय तक शीर्ष स्थान पर बने रहने की यादें उन्हें अलग नहीं होने देंगी। यह जरुर है कि राज्यसभा में जाने के बाद उनका अनुभव और समझ का लाभ बिहार को मिलेगा। यह बात भूलकर जो लोग अनेक तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वो ठीक नहीं है। क्योंकि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगे। और किसी भी रुप में वो निशांत को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे। जहां तक समझ में आता है कि सीएम भाजपा का बने या जदयू का अगर भाजपा का बनता है तो वो निशांत कुमार को नजरअंदाज नहीं कर पाए क्योंकि सरकार नीतीश के बिना चला पाना संभव नहीं होगा और अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर निशांत कुमार सीएम बनते हें तो पुराने नेता सरकार को चलाएंगे। क्येांकि नीतीश कुमार ऐसा नाम है तो पूर्व पीएम इंदिरा गांधी, चरण सिंह, और वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ काम करने वाले नीतीश की निगाह से कुछ नहीं बच पाएगा। स्मरण रहे कि जिस प्रकार ओढ़िसा में पिता बीजू पटनायक के गंभीर स्वास्थ्य के दौरान उनके पुत्र नवीन पटनायक ने सत्ता संभाली थी कुछ कुछ बिहार में भी ऐसा ही माहौल बन रहा है। क्योंकि अभी निशांत कुमार किसी सदन के सदस्य नहीं है तो हो सकता है कि वह विधान परिषद के उपचुनाव में एमएलसी बनकर अपनी राजनीति की यात्रा का शुभारंभी करेंगे।
    यह भी पक्का है कि अगर लालू प्रसाद यादव का परिवार ने संगठित होकर अभी अपनी राजनीतिक व्यवस्थाओं को नहीं संभाला तो कुछ ही समय में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत सबको पटखनी देेने में सफल हो तो कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होगी। घर हो या परिवार उद्योग हो या व्यापार परिवार के मुखिया को समय रहते जिम्मेदारी युवाओं को सौंपनी पड़ती है। वो ही परिवार तरक्की भी करते हैं तो समयानुसार निर्णय ले इसलिए कुछ लोगों का यह आलाप कि नीतीश कुमार के कार्यकाल का अंत हो सकता है वो उनकी अपनी सोच कह सकते हैं या पीछे भागने की परंपरा। मेरा मानना है कि नीतीश कुमार ने समयानुकुल बहुत अच्छा निर्णय लेकर अपने बेटे को अपनी कमान सोंपी और राजनीति में यह कोई नई बात नहीं है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव अपने रहते हुए अखिलेश यादव को सीएम बना चुके थे। बसपा में भी भले अभी किसी को वारिस होने का ऐलान ना किया गया हो लेकिन सब जानते हैं कि उनके भतीजे आकाश को पार्टी संभालनी है। कांग्रेस में नेहरु के बाद इंदिरा गांधी और उनके बाद राजीव गांधी ने सत्ता संभाली तो फिर नीतीश कुमार ने ऐसा कौन का काम किया जो यह हाय तौबा मचाया जा रहा है। होना यह चाहिए कि नीतीश कुमार ने दो दशक तक बिहार की जनता की सेवा करने के दौरान पार्टी नेताओं को मौका दिया उन लोगों को उनके बेटे के साथ $खड़ा होना चाहिए जो अभी कुछ लोग नहीं कर पा रहे हलगते है। इसका विरोध करने वाले समझ ले कि कोई भी बात छिपती नहीं है। कहीं ऐसा ना हो कि नीतीश के बेटे सत्ता तो संभालेंगे लेकिन वह हाशिये पर ना आ जाए। और पार्टी प्रमुख की निगाह में कोई आ जाए और यह महसूस हो कि इसके द्वारा मुखालफत की जा सकती है तो उसके दूध मलाई खाने के मौके लगभग समाप्त हो जाते हैं। कुछ बिरले ही अपने काम पर राजनीति में आगे बढ़ पाते हैं वरना बाकी किसी का पल्ला पकड़कर आगे बढ़ते है। इसलिए यह ना तो सियासी आगाज कहा जाना चाहिए और ना ही कोई ऐसी टिप्पणी की जाए जिससे बदअमनी फैलते हो। संजय झा ने परिस्थितियों को आत्मसात कर नीतीश कुमार के बेटे को आशीर्वाद देना शुरु कर दिया है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    124 सीटें जीतकर आरएसपी ने अपने नेता बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का रास्ता किया साफ

    March 9, 2026

    नांगलोई में बेकाबू DTC बस ने सड़क पर लोगों को कुचला, 3 की मौत; गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग

    March 9, 2026

    10 साल बाद ‘मिस इंडिया अर्थ’ हिंदू धर्म में लौटीं, आतिफ से किया था प्रेम विवाह

    March 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.