नई दिल्ली 27 फरवरी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल मंचों को उन पर प्रसारित किए जाने वाले कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों और नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना इन मंचों का दायित्व है।
वैष्णव गुरुवार को डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के बदलते दौर में बच्चों और नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा मंचों को करनी होगी। वैष्णव ने आगाह करते हुए कहा कि इसका पालन नहीं करने पर संबंधित मंच जवाबदेह होंगे। उन्होंने अपील की कि डिजिटल मंच मानव समाज की बुनियादी जरूरतों में सहयोग करें।
भरोसा मजबूत करने की अहमियत को समझना जरूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल मंचों को मानवीय समाज द्वारा विकसित संस्थाओं में भरोसा मजबूत करने की अहमियत को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मानव समाज परिवार और सामाजिक पहचान से लेकर न्यायपालिका, मीडिया और कार्यपालिका तक संस्थाओं पर भरोसे से चलता है।
एआई से बने कंटेंट की निगरानी जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने एआई से बनने वाले कंटेंट के प्रयोग को भी नियंत्रित करने की जरूरत जताई। कहा कि ऐसी सामग्री उस व्यक्ति की अनुमति के बिना नहीं बनाई जाए, जिसका चेहरा, आवाज या व्यक्तित्व दर्शाया जा रहा हो। कहा कि जिस तेजी से दुनिया बदल रही है, भरोसे का बुनियादी सिद्धांत भी खतरे में है। खासतौर पर डीपफेक जैसी तकनीक लोगों को ऐसी घटनाओं पर विश्वास दिला सकती हैं जो कभी हुई ही नहीं।

