नई दिल्ली,25 फरवरी। महीने भर के अंदर एक के बाद एक निजी चार्टर्ड विमान हादसों के बाद डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने गैर-निर्धारित विमान संचालकों (एनएसओपी) के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। हालिया दुर्घटनाओं के मद्देनजर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई नई व्यवस्थाओं की घोषणा की है और स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब पायलट से लेकर कंपनी संचालक तक कार्रवाई के दायरे में लाए जाएंगे।
दरअसल, सोमवार को रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। यह विमान एक गैर-निर्धारित आपरेटर द्वारा संचालित किया जा रहा था। इससे पहले 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती के पास वीएसआर वेंचर्स के स्वामित्व वाला एक लियर जेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, अंडमान निकोबार में पवन हंस हेलीकाप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सात लोगों को सुरक्षित बचाया गया था। इन घटनाओं के बाद डीजीसीए ने सभी नान- शेड्यूल्ड आपरेटरों (एनएसओपी) की बैठक बुलाई। बैठक में हाल के विमानन हादसों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए सुरक्षा पर विशेष फोकस की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नियामक ने साफ कहा कि सुरक्षा चूक का ठीकरा केवल पायलटों पर नहीं फोड़ा जा सकता, बल्कि जवाबदेह प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधन भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। नई व्यवस्थाओं के तहत गैर निर्धारित विमान संचालकों को अपने विमानों की आयु, रखरखाव का ब्योरा और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी। साथ ही, इन आपरेटरों की ‘सुरक्षा रैंकिंग’ भी तैयार की जाएगी, ताकि यात्रियों को पारदर्शी जानकारी मिल सके। डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर पायलटों के लाइसेंस को अधिकतम पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है। पुराने विमानों और स्वामित्व परिवर्तन से गुजर रहे विमानों की विशेष निगरानी की जाएगी।
डीजीसीए के सख्त नियम
विमान की उम्र, रखरखाव व पायलट अनुभव का खुलासा अनिवार्य
डीजीसीए वेबसाइट पर सेफ्टी रैंकिंग प्रकाशित होगी
सीवीआर व ड्यूटी छटा का रैंडम आडिट बढ़ेगा
वरिष्ठ प्रबंधन सीधे होगा जवाबदेह
एफडीटीएल उल्लंघन पर लाइसेंस पांच साल तक निलंबित हो सकता है
पुराने व स्वामित्व बदल रहे विमानों की सख्त मेंटेनेंस जांच
जरूरत पर एमआरओ को अनिवार्य आउटसोर्सिंग
पायलटों के लिए रीयल-टाइम मौसम अपडेट सिस्टम अनिवार्य
मौसम जागरूकता प्रशिक्षण पर जोर
मार्च 2026 के बाद फेज-2 सेफ्टी आडिट शुरू होगा
हितधारकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी
सुरक्षा उल्लंघन पर ‘जीरो टालरेंस’ नीति लागू

