नई दिल्ली 24 फरवरी। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने रविवार को कहा कि आगामी होली के त्योहार से इस वर्ष पूरे भारत में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ये पिछले वर्ष के अनुमानित 60,000 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील के कारण इस होली पर बाजारों में भारत में बने उत्पादों का दबदबा है। भारत में निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारी, गुब्बारे, पूजा सामग्री, चंदन, परिधान और विभिन्न उत्सव संबंधी वस्तुओं की मांग में भारी वृद्धि देखी जा रही है, जबकि चीनी वस्तुओं की बाजार में मांग 2021 से काफी कम हो गई है।
‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान से मिला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा
होली से जुड़ी वस्तुओं के साथ-साथ, बाजारों में मिठाइयों, सूखे मेवों, उपहारों, फूलों, फलों, कपड़ों, फर्नीचर के कपड़ों, किराना सामान, एफएमसीजी उत्पादों और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की भी भारी मांग देखी जा रही है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा और सलवार सूट, साथ ही ‘हैप्पी होली’ प्रिंट वाली टी-शर्ट की भी खूब बिक्री हो रही है।
सीएआईटी के अनुमानों के अनुसार, अकेले दिल्ली में त्योहारी व्यापार 15,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। शहर भर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि दुकानों में रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारी, गुजिया और त्योहारी उपहार पैक प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
देशभर में बड़ी संख्या में हो रहे होली समारोह
सीएआईटी ने कहा, ‘मिठाई की दुकानों में भी मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है, खासकर गुजिया जैसी पारंपरिक होली की मिठाइयों की।’ खंडेलवाल ने कहा कि देशभर में होली का उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित होता है। अकेले दिल्ली में ही व्यापारिक संगठनों, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3,000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
होली समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में 3 मार्च को ‘होलिका दहन’ और 4 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। उपभोक्ता तेजी से हर्बल और प्राकृतिक रंगों को पसंद कर रहे हैं, जबकि बच्चे विशेष रूप से ‘स्पाइडरमैन’ और ‘छोटा भीम’ जैसे पात्रों वाली पिचकारियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

