लखनऊ, 24 फरवरी। आशियाना सेक्टर-एल में शराब व पैथोलॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह (45) की उनके बेटे ने ही गोली मारकर हत्या कर दी। हाथ-पैर काटकर सदरौना के पास फेंक दिया। बाकी धड़ घर पर ही तीसरे तल से लाकर भूतल के एक खाली कमरे में नीले ड्रम में छिपा दिया। उसे एसिड से जलाने की तैयारी थी। मौके पर एक गैलेन में 20 लीटर एसिड भी मिला है। पुलिस ने धड़ कब्जे में ले लिया। हाथ-पैर की तलाश कर रही है। बेटे अक्षय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बेटे ने 20 फरवरी की रात में ही लाइसेंसी रायफल से गोली मारी थी। छोटी बहन कृति को किसी को सूचना न देने की धमकी दे रखी थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर दिए और कुछ हिस्सों को घर के अंदर एक ड्रम में छिपा दिया। मृतक की पहचान वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है। उनकी सड़ी हुई लाश घर में रखे ड्रम से बरामद की गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के बेटे अक्षत प्रताप सिंह से पूछताछ की। अक्षत, बीकॉम का छात्र है। लगातार सवाल-जवाब के बाद उसने अपने पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। डीसीपी विक्रांत वीर के अनुसार, आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर राइफल से अपने पिता को गोली मार दी। बेटे का कहना है कि उसके पिता उस पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दबाव डाल रहे थे, जिससे वह नाराज था और इसी गुस्से में उसने यह कदम उठाया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में ले आया। वहां उसने सबूत छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि उसने कुछ हिस्से सदरौना गांव के पास जंगल में फेंक दिए, जबकि बाकी टुकड़ों को घर में रखे एक ड्रम में छिपा दिया। जब पुलिस ने घर की तलाशी ली, तो ग्राउंड फ्लोर के कमरे से शव के कुछ हिस्से बरामद हुए। मामले की आगे जांच जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की जांच कर जरूरी सबूत जुटाए। जांच के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

