80 से अधिक देशों की प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नई दिल्ली में हुई एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेसियों द्वारा अर्धनग्न होकर किया गया हंगामा पार्टी पर उलटा ही पड़ता नजर आ रहा है। क्योंकि जो लोग इसके विरुद्ध हो सकते थे वो भी कांग्रेसियों के प्रदर्शन को लेकर उसकी आलोचना करने में पीछे नहीं है। जब तक कांग्रेस व्यापार समझौते को लेकर सरकार को घेर रही थी तब तक सब ठीक था। क्योंकि राजनीतिक दल और अन्य संगठन किसी ना किसी रुप में उसका विरोध कर रहे थे। लेकिन विदेश मेहमानों के सामने प्रदर्शन कर कांग्रेसियों ने जहां अपनी फजीहत कराई वहीं भाजपा और उसके नेताओं सहित सरकार को उन पर देश का अपमान करने के आरोप लगाने का मौका मिल गया। बीते दिवस पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री बाबुल सुप्रीयो द्वारा युवा कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना की गई तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इसकी आलोचना की तो कांग्रेस के साथ लेकर चल रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस के इस कदम की आलोचना करते हुए उसे ठीक नहीं बताया। स्मरण रहे कि पहले भी कुछ कांग्रेसी कई मौकों पर ऐसे बयान दे चुके हैं जिन्हें लेकर कांग्रेस हाईकमान के सामने आम आदमी की निगाह में कई समस्याएं हुई होगी। प्रमुख नेता बोलें या ना बोलें। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के मेरठ में देश की पहली नमो भारत और मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ करते हुए विशाल जनसभा में कहा कि कांग्रेस ने नंगी राजनीति की है। जहां तक दिखाई दे रहा है कांग्रेसी भी विदेशी मेहमानों के सामने किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन से संतुष्ट नजर नहीं आते। कई का कहना है कि मन से कांग्रेस के साथ हैं मगर पार्टी नेताओं को कई अधपके नेताओं की बयानबाजी और एआई समिट में प्रदर्शन से बचना चाहिए क्योंकि हम सब भले ही वैचारिक रुप से एक दूसरे का विरोध करते हों लेकिन जब भी कोई कठिनाई आई पूरा देश एकजुट होकर मुकाबले के लिए खड़ा हुआ। एआई समिट भी कुछ ऐसा ही मौका था क्योंकि उसमें विदेशी मेहमानों से व्यापारिक रानजीतिक और वैचारिक रूप से हम जुड़े हैं। उनके सामने यह हल्का प्रदर्शन कांग्रेसियों का ठीक नहीं था। अगर पार्टी को २०२७ के विधानसभा और २०२९ के लोकसभा चुनाव में कुछ हासिल करना है तो मुझे लगता है कि सरकार की आलोचना करने के साथ ही जनहित के मुददे उठाने चाहिए जिनसे आम आदमी पीड़ित हैं तो आम मतदाता राहुल गांधी के साथ आ सकता है अगर ऐसे प्रदर्शनों की पुनरावृति ना हो।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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