Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • दिल्ली मेट्रो के इन 9 स्टेशनों के नाम बदले, 12 में कोई बदलाव नहीं
    • आलिया भट्ट ने हॉलीवुड के दिग्गजों के बीच बिखेरा भारतीय रंग!
    • एआई समिट में विदेशों मेहमानो के सामने कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन किसी भी रूप में उचित नहीं था
    • एसआईआर के बाद देश के छह राज्यों में एक करोड़ से ज्यादा मतदाता कम
    • दुल्हे ने कहा दुल्हन ही दहेज है और लौटा दिये शगुन के 11 लाख
    • मंदिर में छूटे जूते-चप्पलों से बने मैट पर बैठकर पढ़ रहे बच्चे
    • गरीब महिलाओं के अंडाणु निकालकर बेचने वालों का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
    • कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का केस जेपी ग्रींस प्राइवेट लिमिटेड व 10 लोगों पर दर्ज
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»भारत का उद्देश्य सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना है : सीडीएस
    देश

    भारत का उद्देश्य सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना है : सीडीएस

    adminBy adminFebruary 23, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    श्रीनगर/गढ़वाल, 23 फरवरी। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि आपरेशन सिंदूर प्रतिशोध नहीं बल्कि नई नीति का उद्घोष था। भारत का उद्देश्य सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना है, वह भी तब, जब कम से कम अप्रत्यक्ष क्षति हो। उन्होंने कहा कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं हो सकती है।
    यह भी कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल जमीन, हवा और समुद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटेलिजेंस, साइबर स्पेस और सूचना आधारित युद्ध हो रहे हैं। झूठी सूचनाएं, दुष्प्रचार भी युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान शोध संस्थान में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है, जिसकी शुरुआत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों से होनी चाहिए।
    सीडीएस ने कहा कि भारत की दूरदर्शी सामरिक सोच वैदिक साहित्य, चाणक्य नीति और धनुर्वेद जैसी परंपराओं से प्रेरित रही है।
    उन्होंने उल्लेख किया कि चाणक्य नीति में राज्य संरक्षण, शक्ति संतुलन और कूटनीति की स्पष्ट अवधारणा मिलती है। हालांकि मुगल और ब्रिटिश कालखंडों में यह रणनीतिक दृष्टि कमजोर हुई। 1947 में देश शारीरिक रूप से आजाद तो हुआ लेकिन मानसिक रूप से आजाद होने में समय लगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौलिक सोच अत्यंत आवश्यक है। पश्चिमी सोच पर आधारित रणनीतियों से पूर्ण सफलता पाना कठिन है। यदि हथियार, युद्ध नीति और रणनीति मौलिक हों तो सफलता सुनिश्चित होती है।
    इससे पहले सीडीएस ने गढ़वाल विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक अध्ययन, वैश्विक परिदृश्य और साइबर सुरक्षा से जुड़ी 227 पुस्तकें भेंट कीं।
    सीडीएस ने कहा कि भारत के सामने दो परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों की चुनौती है, जिन्होंने भारतीय भूमि पर अतिक्रमण किया है और दावे किए हैं। हालांकि परमाणु संतुलन के कारण लंबे युद्ध की आशंका कम होती है, लेकिन आंतरिक अस्थिरता, आतंकवाद और सीमा विवाद जैसी चुनौतियां बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि देश को दीर्घकालीन युद्ध की तैयारी रखनी चाहिए, साथ ही छोटे और स्मार्ट युद्ध की रणनीति पर भी फोकस करना आवश्यक है। आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्रीय तत्व बताते हुए उन्होंने आंतरिक और बाहरी खतरों, 1971 के युद्ध के उदाहरण, बदलती युद्ध अवधारणाओं और तकनीक-प्रधान संघर्षों का उल्लेख किया।
    सीडीएस ने चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्तित्व के लिए अनुकूलन जरूरी है। साथ ही जीवित रहने के लिए विकसित होना भी आवश्यक है। यदि आप विकसित नहीं होंगे, तो विलुप्त हो जाएंगे।

    Chief of Defence Staff (CDS) General Anil Chauhan Desh Shri nagar tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    दिल्ली मेट्रो के इन 9 स्टेशनों के नाम बदले, 12 में कोई बदलाव नहीं

    February 23, 2026

    आलिया भट्ट ने हॉलीवुड के दिग्गजों के बीच बिखेरा भारतीय रंग!

    February 23, 2026

    एआई समिट में विदेशों मेहमानो के सामने कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन किसी भी रूप में उचित नहीं था

    February 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.