लखनऊ, 16 फरवरी। प्रदेश भर में पशुपालन विभाग की ओर से बांटी गई पशुओं के पेट के कीड़े मारने वाली करोड़ों रुपये की दवा जांच में नकली पाई गई है। इससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है। चौतरफा चर्चा के बाद विभाग अब नकली दवा की आपूर्ति करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही में जुट गया है।
फेंबेन्डाजोल आईपी-1000 एमजी, निक्लोस्माइड आईपी-1500 एमजी नामक यह दवा हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मेसर्स इवेंट कॉरपोरेशन नामक कंपनी ने विभाग को आपूर्ति की थी। जिस पर मैन्यूफैक्चरिंग डेट 3/2025 और एक्सपायरी डेट 02/2027 अंकित है। कुछ माह पूर्व दवा को लेकर विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों के बाद औषधि नियंत्रक की ओर से इसकी औचक जांच के लिए विभिन्न जिलों से सैम्पलिंग की गई और आगरा स्थित प्रयोगशाला में जांच कराई गई। जांच में फेंबेन्डाजोल आईपी-1000 एमजी, निक्लोस्माइड आईपी-1500 एमजी के बैच नं. ईएमवीबी-24296 की दवाएं मानकों पर खरी नहीं पाई गईं। औषधि नियंत्रक से मिली इसकी सूचना के बाद पशुपालन विभाग के निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा. राजेन्द्र प्रसाद ने इस दवा के वितरण पर तत्काल रोक लगा कर उक्त बैच की बची हुई दवाएं मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को वापस भेजने के आदेश दिए हैं।
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