मुरादाबाद 13 फरवरी। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के सिविल लाइन स्थित दीवान शुगर मिल में कर्मचारी के मिल की चेन से कटकर मौत का संदिग्ध मामला सामने आया था. इसके बाद मृतक बताए गए कर्मचारी अरविंद के परिजनों ने मिल के कर्मचारियों की लापरवाही से मौत का आरोप लगाया था. परिजनों का कहना था कि कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से अरविंद की मिल की चेन में कटकर मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तो मामला बेहद चौंकाने वाला सामने आया. अरविंद जिंदा निकला और वह घर पर मौजूद मिला. पुलिस ने अरविंद को घर से बरामद कर लिया है. मजदूर अरविंद और उसके भाई को हिरासत में कर थाने ले आई। पुलिस ने भाई की चेन में गिरकर मृत्यु होने की जानकारी देने वाले जितेंद्र के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है।
गांव बेलोलपुर निवासी जितेंद्र ने पुलिस को बताया था कि मंगलवार रात करीब 12 बजे वह और उनका भाई अरविंद मिल की चेन पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अरविंद के पैर के नीचे गन्ना आ गया, जिससे वह फिसलकर चलती चेन में गिर गया। आरोप था कि अरविंद मशीन में फंस गया और लगातार चेन बंद कराने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी।
करीब आठ घंटे बाद बुधवार सुबह पुलिस के पहुंचने पर मशीन बंद कराई गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्वजन का दावा था कि अरविंद का शरीर पूरी तरह मशीन में पिस गया। उसके कुछ हिस्से गन्ने के रस के साथ बह गए, जबकि बड़े टुकड़े खोई के साथ मिल की भट्ठी में जल गए। मौके पर पहुंचे स्वजन और ग्रामीण इस घटना से आक्रोशित हो गए और मिल के अंदर धरने पर बैठ गए थे।
कई घंटे तक चीनी मिल में हंगामा होता रहा था। मिल प्रशासन ने हादसे से इन्कार करते हुए कहा कि मजदूर कहीं चला गया है। इस बयान से स्वजन और भड़क गए थे। सूचना पर एडीएम सिटी ज्योति सिंह, एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सका।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मिल में सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण न तो मौत का स्पष्ट प्रमाण मिला और न ही लापता होने का। करीब नौ घंटे तक चले हंगामे के बाद देर शाम दोनों पक्षों में समझौता हो गया। अरविंद के स्वजन यह मान बैठे थे कि उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद होने वाली परंपरा को निभाने की स्वजन ने तैयारी शुरू कर दी थी।
अरविंद की पत्नी ने विधवा वाला पहनावा कर लिया था, लेकिन बुधवार की रात करीब नौ बजे अरविंद अचानक अपने घर पहुंच गया। अरविंद को जिंदा देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। लोग भी उसे देख दंग रह गए। मामले की जानकारी पर शुक्रवार को तड़के पुलिस पहुंच गई। पुलिस अरविंद और जितेंद्र को हिरासत में कर थाने ले आई।
पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह शराब के नशे में थे। नशे में मिल से निकलकर मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया और वहां ही टहलता रहा। सुबह होेने पर मुझे अहसास हुआ कि मुझे लोग तलाश रहे होंगे। अगर अब गया तो मेरी पिटाई कर सकते हैं। इसलिए रात में घर पहुंचा। उधर इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि मरने की सूचना देने वाले अरविंद के भाई जितेंद्र के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है।

