विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), 28 अप्रैल (ता)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की बढ़ती डिजिटल क्षमता का उल्लेख करते हुए मंगलवार को कहा कि 15 अरब डॉलर के आगामी गूगल एआई डेटा सेंटर के साथ विशाखापत्तनम कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र के रूप में उभरेगा।
विशाखापत्तनम के तारलुवाड़ा में ‘गूगल क्लाउड इंडिया एआई डेटा सेंटर’ के शिलान्यास समारोह में उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के एआई आधारित डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की बढ़ती डिजिटल ताकत स्पष्ट है और 15 अरब डॉलर के गूगल एआई डेटा सेंटर के साथ विशाखापत्तनम एक प्रमुख एआई केंद्र बनने जा रहा है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विशाखापत्तनम एक ‘एआई सिटी’ में तब्दील होगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की दूरदर्शिता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा शिक्षा, स्वास्थ्य, वैमानिकी, लॉजिस्टिक और कृषि जैसे क्षेत्रों में बदलाव ला रही है और इस एआई केंद्र के जरिये कई प्रमुख सेवाएं उपलब्ध होंगी।
रेल, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैष्णव ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद परियोजना में तेजी से प्रगति हुई है और उन्हें विश्वास है कि जल्द ही प्रधानमंत्री द्वारा इस डेटा सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा।
भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश आईटी सेवाओं में अग्रणी बन चुका है और इलेक्ट्रॉनिक तथा सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत अब बड़ी संख्या में मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक मांग का करीब 50 प्रतिशत पूरा कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन सहित इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन और विनिर्माण में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने प्रौद्योगिकी कंपनियों से देश में सर्वर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) तथा चिप के विनिर्माण का आग्रह किया। साथ ही इस संदेश को गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुंदर पिचाई तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
वैष्णव ने विशाखापत्तनम से बिछाई जा रही समुद्री केबल के लिए गूगल का धन्यवाद किया, जिससे यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के साथ वैश्विक संपर्क मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में रेलवे आवंटन में वृद्धि, स्टेशन के आधुनिकीकरण और रेल नेटवर्क के विस्तार सहित बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही दक्षिण तटीय रेलवे क्षेत्र और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन गलियारा जैसी बड़ी परियोजनाएं राज्य में संपर्क को और बढ़ाएंगी।
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