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    Home»देश»गैंगस्टर रवि काना मामले में जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर जांच में दोषी, अब होगी सख्त कार्रवाई
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    गैंगस्टर रवि काना मामले में जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर जांच में दोषी, अब होगी सख्त कार्रवाई

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comFebruary 9, 2026No Comments1 Views
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    लखनऊ 09 फरवरी। उत्तर प्रदेश की बांदा जिला जेल से कुख्यात स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रविन्द्र सिंह (रवि काना) की संदिग्ध रिहाई मामले में जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर दोषी पाए गए हैं। विभागीय जांच में जेल अधीक्षक समेत तीन अधिकारियों की मिली भगत विभाग पाई गई है।

    दरअसल, बांदा जिला जेल में बंद कुख्यात स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रविन्द्र सिंह (रवि काना) की रिहाई पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो जेल चौकी प्रभारी की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में जेल अधीक्षक, जेलर और अन्य अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 260 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धारा आरोपी की हिरासत में जानबूझकर की गई लापरवाही से संबंधित है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। विभागीय जांच का जिम्मा प्रयागराज रेंज के डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर दोषी पाए गए हैं।

    आप को बता दें कि जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम, जेलर विक्रम सिंह और डिप्टी जेलर निर्भय सिंह पहले ही सस्पेंड कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि रवि काना कई गंभीर मामलों में वांछित है, जिनमें नोएडा के सेक्टर-63 थाने में दर्ज उगाही का केस भी शामिल है। वह वर्ष 2024 से अन्य मामलों में बांदा मंडल जेल में बंद था। उगाही प्रकरण में बी-वारंट के जरिए उसे कोर्ट में तलब किया गया था। जांच अधिकारी की रिमांड अर्जी पर 29 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई, लेकिन उसी शाम उसकी रिहाई कर दी गई थी।

    घटना के बाद गौतम बुद्ध नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महानिदेशक कारागार और जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद डीजी (कारागार) पीसी मीणा ने जांच प्रयागराज रेंज के डीआईजी राजेश श्रीवास्तव को सौंपी है। इसी क्रम में बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया। जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जेल चौकी प्रभारी अनुराग पांडेय ने लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर जेल अधीक्षक अनिल गौतम, निलंबित जेलर विक्रम सिंह यादव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। फिलहाल विभागीय जांच अब सामने आ गई है जिसमें तीन अधिकारी दोषी पाए गए हैं। अब उनके खिलाफ विधि कार्रवाई की जाएगी।

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