मुंबई 24 जनवरी। यस बैंक के शेयरों की 2022 में खरीदी मामले में बाजार नियामक सेबी ने प्राइस वाटर हाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) और अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की घरेलू इकाइयों के पूर्व एवं मौजूदा अधिकारियों पर कारोबार नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाया है। अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्मों कार्लाइल समूह और एडवेंट के अधिकारियों पर सौदे से संबंधित अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नवंबर में जारी नोटिस में कहा, पीडब्ल्यूसी और ईवाई के दो अधिकारियों एवं परिवार के पांच सदस्यों-दोस्तों ने यस बैंक के 2022 के शेयर ऑफर से पहले ट्रेडिंग कर अवैध लाभ कमाया। आरोपियों में से अधिकांश अब भी अपनी-अपनी कंपनियों में हैं। कार्लाइल, एडवेंट, पीडब्ल्यूसी और ईवाई के भारतीय अधिकारियों ने अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी साझा की। यस बैंक के बोर्ड के एक पूर्व सदस्य पर भी मूल्य संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है, जिसका अन्य लोगों ने फायदा उठाया। नियामक का यह नोटिस जुलाई, 2022 के शेयर ऑफर से पहले यस बैंक के शेयरों में उतार-चढ़ाव की जांच के बाद आया है। इसमें कार्लाइल और एडवेंट ने 1.1 अरब डॉलर में 10 फीसदी हिस्सा खरीदा था। 29 जुलाई, 2022 को सौदे की घोषणा के एक दिन बाद बैंक का शेयर 6 फीसदी चढ़ गया।
शेयर बिक्री से पहले एडवेंट ने कर सलाहकार सेवाओं के लिए ईवाई को नियुक्त किया। यस बैंक ने मूल्यांकन कार्य करने के लिए ईवाई मर्चेंट बैंकिंग को नियुक्त किया था। उसी समय कार्लाइल और एडवेंट ने कर नियोजन एवं उचित जांच के लिए पीडब्ल्यूसी को नियुक्त कर दिया था। बाजार नियामक सेबी ने पाया कि ईवाई और पीडब्ल्यूसी दोनों के अधिकारियों ने गोपनीयता नियमों का उल्लंघन किया। इससे कुछ व्यक्तियों को पूंजी जुटाने से पहले यस बैंक के शेयरों का व्यापार करने की अनुमति मिली।
यह कदम नियामकीय कार्रवाई का दुर्लभ उदाहरण है, जिसमें वैश्विक सलाहकार और निजी इक्विटी फर्मों के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 19 लोगों पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप है। इनमें से सात ने विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी के आधार पर ट्रेडिंग की और चार ने वह जानकारी साझा की। इसमें पीडब्ल्यूसी और ईवाई के आठ अधिकारी हैं। आरोपी व्यक्ति और कंपनियां सेबी के नोटिस का जवाब तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। आरोप सही पाए जाने पर आर्थिक दंड या प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
बाजार नियामक सेबी ने नोटिस में कहा, ईवाई की आंतरिक व्यापार नीति नियमों के अनुरूप नहीं थी। साथ ही, नियामक ने ईवाई इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी और मुख्य परिचालन अधिकारी से यह बताने को कहा है कि उन पर जुर्माना क्यों नहीं लगना चाहिए।

