हरिद्वार, 16 जनवरी। कुंभ क्षेत्र हरिद्वार को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किए जाने की मांग के साथ-साथ अब गंगा सभा और संत समाज की ओर से गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध की आवाज तेज होने लगी है। यह मांग केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों, विभिन्न संस्थानों के कर्मियों और मीडिया प्रतिनिधियों पर भी लागू किए जाने को लेकर उठ गई है।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि सनातन परंपरा, गंगा मां की धार्मिक अस्मिता और हरकी पैड़ी की पवित्रता सर्वाेपरि है। ऐसे में कुंभ क्षेत्र के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने जिले के जिम्मेदार अधिकारियों सहित विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग का कोई भी गैर-हिंदू कर्मचारी हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाट क्षेत्र में प्रवेश न करे।
यह प्रतिबंध आम गैर हिंदुओं के साथ गैर हिंदू प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया कर्मियों और स्वयंसेवी संगठनों पर भी समान रूप से लागू किया जाए। गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि चाहे वह सरकारी विभाग हो, कोई संस्था हो या मीडियाकर्मी, कुंभ क्षेत्र के गंगा घाटों पर सभी गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए।
सनातन परंपरा, गंगा मां की धार्मिक पहचान और हरकी पैड़ी की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नगर निगम के वर्ष 1916 के नियम इसी भावना पर आधारित हैं।
जिनमें हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रावधान है। इस व्यवस्था को संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
गंगा सभा ने मांग की है कि हरकी पैड़ी और आसपास के सभी गंगा घाटों पर ‘गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध’ संबंधी सूचना बोर्ड लगाए जाएं और प्रशासन क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहे।
हरकी पैड़ी पर हुई एक घटना का हवाला देते हुए श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि दो युवक अरब शेख जैसे कपड़ों में घाट क्षेत्र में घूमते और वीडियो बनाते पाए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भेस बदलकर क्षेत्र में प्रवेश कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि बाद में पुलिस जांच में उक्त युवक हिंदू निकले, फिर भी इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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