कुत्तों के काटने से घायल हुए और इनके डर से घर से ना निकलने वाले लोगों में आज यह लाइनें पढ़कर कि कुत्ते ने काटा तो राज्य सरकार दे सकती है मुआवजा तथा जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं वो उन्हें अपने घरों में ले जाएं। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरू स्वामी की इस दलील कि आवारा कुत्तो का मुददा भावुक है के बाद सामने आई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रमनाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोग ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि पालने व खिलाने वाले कुत्तों को अपने घर ले जाओ, कुत्तों को भटकने के लिए क्यों छोड़ा जाए। बता दें कि कुत्तों के आतंक की समस्या पूरे देश में होती जा रही है। इनके काटने से बच्चे से लेकर बूढे तक अपनी जान गंवा रहे हैं। यह फैसला जनहित का है। इसे लागू करने के लिए सरकार को प्रतिबंधित किया जाए कि वह कुत्ता काटने के पीड़ितों को मुआवजे दे और कुत्तों को अपने घर ले जाएं। यह किसी से छिपा नहीं है कि देश में दया धर्म करने वालों की कमी नहीं है और जानवरों के लिए कुछ करने को तैयार रहता है लेकिन यह जब हिंसक हो जाएं तो यह जीवन के लिए खतरनाक बन जाते हैं। इसके लिए इन्हें पालने और संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यह चाहे तो कुत्तों को अपने पास रखें और इनके खाने पीने का इंतजाम करें।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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