नोएडा 07 जनवरी। दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं पर नोएडा पुलिस ने बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। थाना फेज-2 पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके आठ सदस्यों को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह झारखंड से दिल्ली-एनसीआर आता था और यहां दो से तीन महीने तक रुककर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य किराये पर कमरे लेकर भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों में सक्रिय रहते थे और मौका मिलते ही लोगों के मोबाइल फोन चुरा लेते थे।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी चोरी के तुरंत बाद मोबाइल फोन आपस में एक-दूसरे को पास कर देते थे, ताकि किसी एक के पास ज्यादा मोबाइल न मिलें। जब चोरी किए गए मोबाइलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी, तो उन्हें बैग और बोरियों में भरकर ट्रेन और बस के जरिए झारखंड और बिहार भेज दिया जाता था।
इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बेहद कम कीमत पर बेच दिए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था और मोबाइलों की सप्लाई नेपाल तक की जा रही थी। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि इस मामले में आठ आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें से छह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
DCP ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों के रहने वालों के रूप में हुई है. इनमें साहिबगंज झारखंड, भागलपुर और मधुबनी बिहार के निवासी शामिल हैं.
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस बड़ी रिकवरी के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है.

