नई दिल्ली 05 जनवरी।इस साल अग्निवीरों के पहले बैच का सेवाकाल खत्म होगा। इसके बाद उनमें से 25 फीसदी को वापस सेना में लिया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है यदि इस अवधि में कोई अग्निवीर विवाह कर लेता है तो वह स्थायी सैनिक के लिए अयोग्य माना जाएगा।
तीनों सेनाओं में अस्थायी सैनिक यानी अग्निवीर योजना 2022 में शुरू की गई थी। इनका सेवाकाल चार साल रखा गया है। इस हिसाब से तीनों सेना के 20 हजार से ज्यादा अग्निवीर जून-जुलाई में बाहर आएंगे। इसके बाद उनके चार साल के कार्यकाल और एक परीक्षा के आधार पर 25 फीसदी को स्थायी सैनिक के रूप में लिया जाएगा। यह चयन पूरी तरह से उनके पिछले प्रदर्शन, शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा के अंकों पर आधारित होगा। हालांकि, योग्यता के साथ-साथ अनुशासन को सबसे ऊपर रखा गया है, जिसमें वैवाहिक स्थिति को लेकर बेहद सख्त नियम बनाए गए हैं।
हाल में सेना ने स्पष्ट किया है कि सेवाकाल के दौरान अग्निवीर को विवाह करने की अनुमति नहीं है। जब वे एग्जिट हो जाएंगे तो तुरंत विवाह नहीं कर पाएंगे। यदि वे विवाह कर लेते हैं तो फिर स्थायी सैनिक के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। अग्निवीरों की भर्ती की आयु 21 वर्ष है। 25 साल में वह सेवामुक्त होंगे। उसके बाद चार-छह महीने जब तक कि स्थायीकरण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और नतीजे घोषित नहीं हो जाते हैं, विवाह नहीं कर सकेंगे।
केवल वही अग्निवीर स्थायी कमीशन के पात्र होंगे जिन्होंने अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया हो, जिनका रिकॉर्ड बेदाग हो और जिन्होंने सेवा की पूरी अवधि में ब्रह्मचर्य और अविवाहित रहने के मानदंडों का पालन किया हो।

