Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट! कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य, दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के राम निवास रावत विधायक हुए घोषित
    • देश में एक साथ हो चुनाव, विधानसभा लोकसभा के समय और धन दोनों ही बचेंगे
    • दि पैराडाइज के गाना ‘आया शेर’ के लिए बना 2.5 एकड़ का स्लम सेट
    • योगी कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को दी मंजूरी, प्रॉपर्टी बेचने वाले का नाम खौतनी में भी होना अनिवार्य
    • 3 बेटियों संग कुएं में कूदी मां, सभी की मौत
    • विक्रम फडनीस के साथ काम करना बेहद शानदार अनुभव रहा : ताहिर राज भसीन
    • गाजियाबाद में 7 नए पुलिस थानों का होगा निर्माण, 4 का काम शुरू
    • चंडीगढ़ नगर निगम के IDFC फर्स्ट बैंक के खाते में 116 करोड़ की गड़बड़ी, मैनेजर सहित कइयों पर केस दर्ज
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»आवाज को दबाने का किया था प्रयास! विश्व हिंदू परिषद के प्रिंस गौड़ को जेल भेजने वाली एडीएम रितु पूनिया हुई प्रतीक्षारत
    देश

    आवाज को दबाने का किया था प्रयास! विश्व हिंदू परिषद के प्रिंस गौड़ को जेल भेजने वाली एडीएम रितु पूनिया हुई प्रतीक्षारत

    adminBy adminNovember 13, 2025No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    विहिप के संगठन मंत्री को शहाजीपुर में फर्जी धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले में मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवाने वाली एडीएम वित्त एवं राजस्व रितु पूनिया को शासन ने हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत करते हुए उनके स्थान पर प्रसुन द्विवेदी की नियुक्ति की है। बताते चलें कि विहिप के विभागीय संगठन मंत्री पर फर्जी शिकायत करने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद शुरू हुई राजनीतिक हलचल के उपरांत एडीएम का कहना था कि विहिप के संगठन मंत्री प्रिंसा गौड़ ने एक शिकायती पत्र कमिश्नर बरेली को दिया था जिसमें अधिक जुर्माना लगाने का आरोप लगाया गया। उनका कहना था कि इस बारे में कोई भी निजी व्यक्ति बयान नहीं दे सकता है। एडीएम का कहना था कि एक कॉलोनी की धारा ८० करने को लेकर एडीएम पर आरोप लगाया गया जबकि ऐसा करने का अधिकार एडीएम पर है। गलत मनोवैज्ञानिक तरीके से दबाव बनाया गया जिस पर प्रिंस को जेल भिजवा दिया गया। शासन की कार्रवाई के बाद और विहिप द्वारा आंदोलन की चेतावनी के बाद बैकफुट पर आई एडीएम ने कहा कि सौंपी गई विवेचना में प्रिंस के खिलाफ रंगदारी के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस आधार पर गत मंगलवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। अपने पद के गुरूर में एडीएम का यह कहना कि कोई निजी व्यक्ति बयान नहीं दे सकता बिल्कुल गलत है। अब प्रिंस गौड़ की रिहाई तथा एडीएम को प्रतीक्षारत किए जाने से भी यह बात स्पष्ट हो गई है। आम नागरिकों की इस बात में दम नजर आता है कि इस प्रकार के फैसले लेने वाली एडीएम को शासन द्वारा जिम्मेदारी वाले पदों से दूर रखा जाना चाहिए क्योंकि उनके द्वारा की गई कार्रवाई दमनकारी और डराने व निरकुंश है। नागरिकों का ध्यान हटाने का प्रयास ही कहा जा सकता है। विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ रिहा हो गए। एडीएम रितु पूनिया प्रतीक्षारत कर दी गई लेकिन सरकार और शासन को कुछ ऐसे इंतजाम करने चाहिए कि इस तरह से आम आदमी का उत्पीड़न जैसी कार्रवाई की पुनरावृति ना हो क्योंकि ऐसे मामलों से समाज में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से विश्वास कम होने लगता है जिसे सही नहीं कहा जा सकता।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट! कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य, दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के राम निवास रावत विधायक हुए घोषित

    March 10, 2026

    देश में एक साथ हो चुनाव, विधानसभा लोकसभा के समय और धन दोनों ही बचेंगे

    March 10, 2026

    दि पैराडाइज के गाना ‘आया शेर’ के लिए बना 2.5 एकड़ का स्लम सेट

    March 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.