लखनऊ 03 अगस्त। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बीते शनिवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और निजी व्यक्ति श्रवण कुमार को 7.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। चंद्र प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है। अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की गई है। आरोपियों ने निर्माणाधीन भवन के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले में रिश्वत मांगी थी।
विजिलेंस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया कि अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा उसके निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे और काम बंद करने को कहा था। बाद में कर्मचारियों के माध्यम से बताया कि उसके निर्माण के संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज और मामले के निस्तारण के लिए श्रवण से संपर्क करना होगा श्रवण ने उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल के गेट पर बुलाकर कहा कि अवर अभियंता से बात हो चुकी है। यदि 15 लाख रुपये दे दिए जाएं तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। एलडीए कार्यालय में अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने भी 15 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताई तो 7.50-7.50 लाख रुपये की दो किस्तों में भुगतान करने की बात तय हुई तब शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से शिकायत की गोपनीय जांच और सर्विलांस में शिकायत सही मिली। विजिलेंस टीम ने शनिवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 7.50 लाख रुपये लेते समय तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके से 7.50 लाख रुपये भी बरामद किए गए।
रिश्वत मांगे तो तत्काल करें शिकायत
विजिलेंस आईजी मंजिल सैनी ने कहा कि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अन्य कोई शख्स अगर रिश्वत की मांग करता है तो उसको न दें। विजिलेंस को तत्काल सूचना दे सकते हैं। सूचना 9454401866 पर भी दर्ज करवा सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम, पता आदि गोपनीय रखा जाएगा।

