काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर सबकी अलग अलग राय है लेकिन एक बात सबके सामने हैं कि विश्वजीत दीपके को सफलता मिली और प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग पूरी हुई और जेन जी मिलनेनियस बेबी बोन का गठबंधन हुआ तो उनकी मांग का समर्थन चरम पर था इसलिए यह सफलता सोशल मीडियाऔर लोगों के प्रयास की सफलता कहाजा सकता है। पीएम के खिलाफ अपशब्द बोलने पर एक लड़की के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पीएम की मां के बारे में कोई अपशब्द कहे इसे सही नहीं कहा जा सकता। मेरा मानना है कि इस आंदोलन के आयोजकों ने किसी की मां के बारे में अपशब्द नहीं कहे। खबरों से पता चल रहा है कि अपनी स्व माता के बारे में अपशब्द सुनकर मोदी जी भी दुखी है और यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी कहा कि पीएम की मां को गालियां देना यह बताता है कि हम कैसी शिक्षा दे रहे हैं। राज्यपाल के विचारों से समाज का हर व्यक्ति सहमत होगा कि हमें एक दूसरे के माता पिता को आपसी खींचतान में वापस नहीं लाना चाहिए। यह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की भलमानसता और युवाओं के प्रति प्यार का ही नमूना कह सकते हैं कि वो कह रहे हैं कि बच्चों को गुमराह किया गया मैं उनकी गलतियां माफ करना चाहताहूं। मेरा मानना है कि पीएम की इस उदारता को दिखावा ना मानकर दीपके को माफी मांगनी चाहिए पीएम मोदी और देशभर की माताओं से। कुछ लोग कहेंगे कि उन्होंने तो किसी को गाली नहीं दी तो मेरा मानना है कि आंदोलन शुरू करेने वाले की सबकी जिम्मेदारी होती है। असामाजिक तत्वों का अंदर घुसने से रोकना टीम का काम होता है जो इसमें नहीं किया गया। लगभग एक माह चले अनशन में कोई अराजकता नहीं हुई मार्च में बाहरी लोगों की सोच का परिणाम है। लेकिन जिस प्रकार से परिवार का कोई बच्चा गलती करता है तो उसकी जिम्मेदारी मांबाप उठाते हैं और उसके लिए माफी मांगते हैं। वैसे भी देश में एक दिन क्षमा दिवस मनाया जाता है। उसे जैन समाज मनाताहै लेकिन अच्छी बात आत्मसात हर कोई कर लेताहै लेकिन भारतीय सभ्यता को ध्यान में रखते हुए दीपके को पीएम मोदी सहित सबसे माफी मांगनी चाहिए जिनकी भावनाएं आहत हुई हो। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि वो स्वर्गवासी माता की तरफ से सबको माफ करें और इतनी सदबुद्धि दें कि कोई किसी के मां बहन के बारे में अपशब्द ना बोले यही हमारी भारतीय संस्कृति परंपरा की सीख है। बाकी पीएम की महानता है कि वह असहनीय गलती युवाओं की माफ करने को तैयार है यह उनकी रहमदिली कह सकते हैं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- शहर की प्रतिष्ठित कॉलोनियों में होने लगे अवैध निर्माण मेडा के अफसर और मेंटीनेंट कंपनियां खामोश क्यों
- मनजीत सिंह कोछड विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की नैय्या पार लगा सकते हैं कैंट क्षेत्र में
- पीएम की माताजी को गाली देने के लिए कॉकरोच आंदोलन के विश्वजीत दीपके मांगे माफी
- जीएसएम फाइल्स के एमडी पर हुए हमले का खुलासा, चेयरमैन निकला मास्टरमाइंड; सात गिरफ्तार
- मेरठ समेत प्रदेश में आज से मिलेगी स्मार्ट आरसी
- मंजूर अहमद बनाते हैं कांवड़ियों के लिए भगवान शिव की मूर्तियां
- पीएम मोदी ने भोगापुरम एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, आंध्र प्रदेश को दी 17900 करोड़ के प्रोजेक्ट की सौगात
- संत रविदास की जन्मस्थली से मिट्टी लेकर निकाली कलशयात्रा
