मेरठ 01 अगस्त (प्र)। अब वाहन की आरसी को संभालकर रखने के लिए मोटी फाइल या कागज की जरूरत नहीं होगी। मेरठ समेत पूरे प्रदेश में आज यानी 1 अगस्त से वाहनों के लिए नई स्मार्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (स्मार्ट आरसी) व्यवस्था लागू हो गई है। एटीएम कार्ड के आकार की यह आरसी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक चिप और क्यूआर कोड से लैस होगी, जिससे वाहन की पहचान, सत्यापन और सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे फर्जी आरसी बनाने पर रोक लगेगी और चेकिंग प्रक्रिया भी तेज व पारदर्शी बनेगी।
अब तक प्रदेश में वाहनों की कागजी आरसी जारी की जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट कार्ड आरसी मिलेगी। इस कार्ड में लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप में वाहन का इंजन नंबर, चेसिस नंबर, ईंधन का प्रकार, मालिक का नाम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रूप में दर्ज रहेंगी। इससे रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल होगा। स्मार्ट आरसी पर छपा क्यूआर कोड ट्रैफिक पुलिस और परिवहन अधिकारियों के लिए चेकिंग को आसान बनाएगा। अधिकारी मोबाइल या हैंडहेल्ड स्कैनर से क्यूआर कोड स्कैन करते ही वाहन का पूरा रिकॉर्ड तुरंत देख सकेंगे। इसके जरिए केंद्रीय डेटाबेस से यह भी पता चल जाएगा कि वाहन का बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) और आरसी वैध है या नहीं। इससे बार-बार लंबा रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मौके पर ही सत्यापन हो जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन के बाद मिलेगी स्मार्ट आरसी
स्मार्ट आरसी प्राप्त करने के लिए वाहन स्वामी को परिवहन विभाग के पोर्टल आवेदन करना होगा और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। विभाग ने 25 उ तकनीकी उपकरण और आवश्यक व्यवस्था पूरी कर ली थी, जिसके बाद अ नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम डिजिटल, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा।
पैन कार्ड की तरह मिलेगी स्मार्ट आरसी
संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) अनीता सिंह ने बताया कि आज या वाहनों के लिए कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की जगह स्मार्ट जाएगी। यह आरसी पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की तरह मजबूत और रूप में होगी। उन्होंने बताया कि वाहन खरीदने के बाद जिस के माध्य पंजीकरण कराया जाएगा, उसी डीलर के जरिए स्मार्ट आरसी उपलब्ध करा वाहन स्वामियों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक दस्तावेज मिलेगा।

