किठौर 31 जुलाई (प्र)। कोर्ट के आदेश पर पति के मकान में रहने पहुंची महिला को देखकर ससुराल पक्ष के लोगों ने तालाबंदी कर दी। घंटों गुहार के बाद दरवाजा न खोलने पर पीड़िता अपने अधिवक्ता और पुलिस को लेकर मौके पर पहुंची तो हंगामा हो गया।
किठौर के मोहल्ला व्यापारिवान निवासी अफजल पुत्र साजिद की शादी छह वर्ष पूर्व हापुड़ के टियाला गांव निवासी खलीक सुबुल से हुई थी। इसबीच दंपति को बेटा अब्दुल्ला, बेटी हलीमा भी हुई। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व दंपति में विवाद के बाद अफजल ने पत्नी सुंबुल को मारपीट कर बच्चों समेत घर से निकाल दिया। सुंबुल और उसके परिजनों ने सुलह का प्रयास किया लेकिन बात न बनी। तत्पश्चात संबुल ने अफजल पर हापुड़ जिला न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर कर दिया। जिसमें कोर्ट ने अफजल को पत्नी सुंबुल के साथ दुर्व्यवहार, तिरस्कार, उत्पीड़न न करने के साथ पूर्व में दिए गए शारीरिक, मानसिक कष्टके एवज में आदेश जारी होने की तिथि से दो महीने के अंदर संबुल को 30 हजार रुपए एकमुश्त अदा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि अफजल पत्नी सुंबुल को बिजली, पानी, शौचालय, स्नानगृह सहित बने साझा गृहस्थी के मकान में निवास करने का अधिकार प्रदान करे। साझा मकान में न रखने की स्थिति में किराए का मकान उपलब्ध कराए। पत्नी को हर महीने की 10 तारीख को तीन हजार रुपए मकान किराया और बच्चों के बालिग होने तक सात हजार रुपए भरण-पोषण राशी अदा करे। कोर्ट का आदेश लेकर सुंबुल बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे अपनी ससुराल पहुंची। सुबुल को देख ससुराल पक्ष के लोगों ने मकान का ताला लगा दिया।
काफी गुहार के बाद भी बात न बनने पर सुबुल ने अपने अधिवक्ता को सूचना दी। अधिवक्ता किठौर थाने पहुंचा। पुलिस को आदेश सौंपकर पूरा घटनाक्रम बताया। शाम लगभग 7:30 बजे पुलिस सुंबुल और अधिवक्ता के साथ अफजल के मकान पर पहुंची तो वहां ताला लगा था। पुलिस ने आवाजें लगाई मगर जवाब नही मिला। पुलिस ने सुंबुल से मकान की बिजली कटवाई। बांस की सीढ़ी के जरिए उसे छत पर चढ़कर मेनगेट की खिड़की खोलने को कहा। सुबुल सीढ़ी से छत पर चढ़ने लगी तो ऊपर से आए देवर ने सीढ़ी धकेल दी। जिसमें सुबुल चोटिल होने से बाल-बाल बची।
पुलिस ने संबुल के देवर से दरवाजा न खोलने का कारण पूछा तो उसने झगड़े का हवाला दिया। पुलिस ने उसे कोर्ट का आदेश दिखाते हुए सुंबुल को घर में रखने की बात कही। जिस पर हंगामा हो गया। पुलिस, सुंबुल और उसके ससुरालियों के बीच चल रहे तल्ख संवाद के बीच भीड़ इकट्ठा हो गई। इंस्पेक्टर सुबोध सक्सेना का कहना है कि सुंबुल के ससुरालियों ने आपसी सलाह- मशविरा के लिए पुलिस से तीन दिन का समय मांगा है।

