मेरठ 31 जुलाई (प्र)। कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की ढिलाई न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी मशीनरी को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। डीएम डॉ. वीके सिंह ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्पष्ट कर दिया कि 12 अगस्त तक जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त रहेंगी। केवल विशेष परिस्थितियों में निर्धारित प्रक्रिया के जरिए अनुमति मिलने पर ही मुख्यालय छोड़ा जा सकेगा।
बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। कावड़ यात्रा का तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि सभी एंबुलेंस पूरी तरह संचालित रहें और किसी भी स्थिति में सेवा बाधित नहीं होनी चाहिए। कांवड़ मार्ग पर लगाए जाने वाले चिकित्सा शिविर, सीएचसी और पीएचसी चिकित्सका का पयाप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों, चिकित्सा शिविरों और एंबुलेंस की जानकारी वाले सूचना बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं. ताकि जरूरत पड़ने पर कांवड़िए तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें।
हर स्वास्थ्यकर्मी रहेगा अलर्ट, चूक पर तय होगी जवाबदेही
डीएम ने कहा कि यात्रा के दौरान सभी स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगे। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कटारिया, जिला क्षय रोग अधिकारी, एसीएमओ, एमओआईसी, सीडीपीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

