मेरठ 31 जुलाई (प्र)। शुक्रवार से 11 अगस्त की मध्यरात्रि तक दिल्ली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, उत्तराखंड के लिए चलने वाली बसें गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट डिपो से चलेंगी।
बृहस्पतिवार की देर रात तक भैंसाली और मेरठ डिपो की सभी बसें सोहराब गेट डिपो पर भेज दी गई। दिल्ली रोड पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ते ही परिवहन विभाग के अधिकारियों ने तय कार्यक्रम के तहत भैसाली बस अड्डे से चलने वाली सभी बसों का संचालन सोहराब गेट डिपो से शुरू कर दिया। अब शहर में केवल एक ही बस अड्डा, सोहराबगेट से ही परिवहन निगम और अनुबंधित बसें चलेंगी। सोहराब गेट अड्डे पर बसों की संख्या बढ़ने पर समस्या खड़ी हो गई है
सोहराबगेट बस अड्डे से इन शहरों के लिए चलने वाली बस संख्या
गजरौला 122 मुरादाबाद 205 बरेली 362 लखनऊ 735 कौशांबी 125 मुरादाबाद 125 आगरा 376 हरिद्वार 267 दिल्ली 163 देहरादून 369 बुलंदशहर 145 धामपुर 76 मवाना 39 बिजनौर 115
नौचंदी मैदान में खड़ी की गईं बसें
भैंसाली और मेरठ डिपो की अधिकतर बसों को नौचंदी मैदान में खड़ा किया गया है। यहीं से कुछ बसों को समय-समय पर सोहराब गेट डिपो बस अड्डे पर ले जाकर संचालित किया जाएगा। सोहराब गेट डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव कुमार का कहना है कि सोहराब गेट बस अड्डा परिसर में एक साथ तीन डिपो की बसों को खड़ी करने की जगह नहीं है। इसलिए पहली बार बसों को नौचंदी मैदान में खड़ी करने की व्यवस्था की गई है। ये सभी बस 11 अगस्त तक सोहराब गेट बस अड्डा से ही चलेंगी।
12 दिन बंद रहेंगी इलेक्ट्रिक सिटी बसें
कांवड़ यात्रा के कारण शहर में 1 अगस्त से 11 अगस्त शिवरात्रि तक इलेक्ट्रिक बसें नहीं चलेंगी। पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक ने सिटी ट्रांसपोर्ट बस सेवा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। शहर के निर्धारित रूटों पर केवल हल्के वाहन ही चल सकेंगे। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट न 50 में से 42 इलेक्ट्रिक सिटी बसें विभिन्न मार्गों पर उतारी हैं। ये बसें भंसाली, बेगमपुल, मोदीपुरम मेट्रो स्टेशन और कंकरखेड़ा बाईपास जैसे स्थानों पर संचालित होती हैं।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लि. के मैनेजर आपरेशन सचिन सक्सेना का कहना है कि 11 दिन सिटी बसों का संचालन बंद रहेगा, जिससे इलेक्ट्रिक सिटी बसों की आय शून्य रहेगी और करीब 24 लाख का नुकसान होगा। इसी तरह वोल्वो बसें भी खड़े रहने से नुकसान होगा।
रोजाना टिकट कलेक्शन से करीब दो लाख रुपये की आय होती है, जबकि वोल्वो की सिटी बसों के संचालन से रोजाना करीब 30 हजार रुपये आय होती है। गुरुवार को सावन शुरु होने के साथ ही महानगर में कांवड़ियों की आमद बढ़ने लगी है। ट्रैफिक पुलिस के आदेश पर गुरुवार की रात से सिटी बसों को डिपो में खड़ा कर दिया गया है। शुक्रवार से सिटी बसें डिपो से बाहर नहीं निकलेंगी। इन बसों का संचालन 12 अगस्त से किया जाएगा। ऐसे में लोगों को यातायात के अन्य साधनों का सहारा लेने पड़ेगा। सिटी बसों का 11 दिनों तक चक्का जाम रहने से मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लि. को करीब 26 लाख रुपये का फटका लगेगा।

