मेरठ, 29 जुलाई (प्र)। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मेरठ का चुनावी नक्शा बदलता नजर आ रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में करीब पांच लाख की कमी दर्ज हुई है। इसका सीधा असर मतदान व्यवस्था पर भी पड़ा है। अब जिले 108 मतदान बूथ कम कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी सात विधानसभा क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन कर नए बूथों का प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया है। अंतिम मंजूरी भारत निर्वाचन आयोग देगा।
एसआईआर अभियान के दौरान मेरठ में मतदाताओं की संख्या 26.99 लाख से घटकर 21.93 लाख रह गई। निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानक के अनुसार, एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता होने चाहिए। इसी आधार पर जिले के सभी मतदान केंद्रों और बूथों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौके पर जाकर सत्यापन किया और नए सिरे से बूथों का निर्धारण किया। इस प्रक्रिया के जरिए जिले में मतदान केंद्रों की संख्या 1169 से घटकर 1167 रह गई, जबकि मतदान बूथ 2981 से घटकर 2873 हो गए। बूथों में सबसे अधिक कमी मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां 39 बूथ कम किए गए। मेरठ दक्षिण में 21 और मेरठ शहर में 20 बूथ घटाए गए। सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर और किठौर विधानसभा क्षेत्रों में भी बूथों की संख्या कम हुई है। प्रशासन ने 4 जुलाई को बूथों की प्रारूप सूची जारी कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आपत्तियां और सुझाव भी लिए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेज दी गई है। अब भारत निर्वाचन आयोग इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेकर नई बूथ सूची जारी करेगा।
Trending
- सुप्रीम कोर्ट की शर्त मंजूर नहीं
- तटरक्षक बल में महिलाओं को समान अवसर मिलेंगे : राजनाथ
- रेखा को किया जाएगा उत्कृष्ट सिनेमा पुरस्कार से सम्मानित
- पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री ने 7वीं मंजिल से कूदकर जान दी
- आईटीआई में प्रवेश लेने वाले छात्र अब गाड़ियों के पुर्जों की वर्चुअल डिजाइनिंग सीख सकेंगे
- हिंदू दोस्त के साथ मुस्लिम युवक ने उठाई 251 लीटर गंगा जल की कांवड
- शस्त्र लाइसेंस घोटाले में सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ तीसरी बार प्राथमिकी दर्ज
- मेरठ में पांच लाख मतदाता घटने से 108 बूथ भी हुए कम

