मेरठ 28 जुलाई (प्र)। हस्तिनापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम देहात ने संयुक्त कार्रवाई में बंद मकानों में चोरी करने वाले अंतरजनपदीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दो बदमाश घायल हो गए, जबकि तीसरे को कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से 6.40 लाख नकद, दो तमंचे, कारतूस, दो मोटरसाइकिल, दो सोने की अंगूठियां और चोरी में प्रयुक्त गृहभेदन के उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार 22 जुलाई हस्तिनापुर के डी-ब्लॉक स्थित एक बंद मकान का ताला तोड़कर नकदी और सोने के आभूषण चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में थाना हस्तिनापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि यही गिरोह परीक्षितगढ़, किठौर समेत अन्य क्षेत्रों में भी बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हस्तिनापुर पुलिस और स्वाट टीम देहात ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए विकास उर्फ बुद्धप्रकाश निवासी हापुड़, अंकित और राजू निवासी लिसाड़ी गेट को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की थी। वरामदगी में 6.40 लाख नकद, दो अवैध 315 बोर तमंचे, तीन जिंदा और दो खोखा कारतूस, टीवीएस राइडर व हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, दो पीली धातु की अंगूठियां, विदेशी निर्मित ऑलिव ऑयल की बोतल तथा गृहभेदन में प्रयुक्त उपकरण शामिल हैं। जांच में स्प्लेंडर बाइक गौतमबुद्धनगर सूरजपुर थाना क्षेत्र से चोरी की होना भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, हाथरस और दिल्ली समेत कई जिलों में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और आयुध अधिनियम के अनेक मुकदमे दर्ज हैं।
10 मिनट में कर देते थे घर साफ
इस गिरोह की खास बात ये है कि 10 मिनट खाली मकान का ताला भी तोड़ता है और फिर चोरी करने के बाद बाहर भी चला जाता है इतनी फुर्ती के साथ ये गिरोह काम करता है। पुलिस पूछताछ में ये तथ्य सामने आया है। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि सेफ का ताला तोड़कर उसमें सोने और नकदी चोरी करके ले जाते थे बाकी सामान छेड़ते नहीं है।
चोरी कितनी हुई बड़ा सवाल ?
व्यापारी ने कहा 12 लाख चोरी हुए, जबकि पुलिस ने बताया 6.40 लाख की चोरी हुई। चोरी की रकम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। व्यापारी झूठ बोल रहा है या फिर पकड़े गए बदमाश। इनमें कौन सच बोल रहा है। इसकी जांच होगी तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। इसकी पुलिस जांच कर रही है। व्यापारी इस ज पर अड़े हुए है कि 12 लाख चोरी हुए है, बरामदगी भी 12 लाख होनी चाहिए थी।

