मेरठ 24 जुलाई (प्र)। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा आरंभ होने पर बसों का संचालन जारी रखने का प्लान तैयार कर लिया है। जैसे ही कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि होगी और पुलिस प्रशासन की तरफ से रूट डायवर्जन किया जाएगा, तो रोडवेज बसों का संचालन पांच अस्थायी बस अड्डों से आरंभ कर दिया जाएगा। कांवड़ यात्रा आरंभ होने पर दिल्ली- देहरादून नेशनल हाइवे पर एक साइड को कांवड़ियों के लिए सुरक्षित कर दिया जाता है। हरिद्वार से गंगाजल ला रहे शिवभक्तों की भीड़ जब हाइवे पर बढ़ती है, तो पुलिस प्रसासन की तरफ से रूट डायवर्जन लागू कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में भैंसाली और मेरठ डिपो की बसों का संचालन शिफ्ट करना पड़ता है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान आम जनमानस के सफर पर प्रभाव न पड़े और वह अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें। इसके चलते अस्थायी बस अड्डों से रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। यह व्यवस्था तभी लागू होगी, जब प्रशासन की तरफ से रूट डायवर्जन किया जाएगा। इसके अलावा हरिद्वार जाने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए गढ़-हरिद्वार, मेरठ- हरिद्वार और दिल्ली-हरिद्वार रूट पर अतिरिक्त बसें भी लगाई जाएंगी।
ये रहेगी नई व्यवस्था
अस्थायी बस अड्डा : रूट और बसों की संख्या बागपत बाईपास भैंसाली डिपो की 15 व मेरठ डिपो की सात बसों का संचालन यहां से बालैनी तक होगा।
बड़ौत बाईपास : भैंसाली डिपो की 25 और मेरठ डिपो की चार बसों का संचालन यहां से बड़ौत के लिए होगा।
कंकरखेड़ा बाईपास: मेरठ-शामली एवं सरधना मार्ग की 20 बसों का संचालन यहां से किया जाएगा।
पुरा महादेव (वालैनी ) : यहां बालैनी से बड़ौत के लिए 36 बसों का संचालन किया जाएगा।
मवाना: यहां से मेरठ डिपो की 50 बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें हरिद्वार जाने वाली बसें शामिल होंगी।

