बलिया 23 जुलाई। बलिया में करंट लगने से बाप-बेटे की मौत हो गई। बेटा दरोगा की परीक्षा पास कर चुका था। मेडिकल होना बचा था। गुरुवार सुबह 6 बजे पिता-पुत्र अपने खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। तभी ऊपर गुजरा 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर गिर गया। बेटा करंट की चपेट में आ गया।
बेटे को तड़पता देखकर पिता बचाने दौड़े। पास पहुंचकर जैसे ही उसे बचाने की कोशिश की, वो भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के खेतों में मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई।
दोनों को उठाकर खेत से बाहर सड़क पर लाए। तब तक दोनों के शव अकड़ चुके थे। पिता के गले और हाथ में तार चिपका था। पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामला जिला मुख्यालय से 13 किमी दूर बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शहपुरवा गांव का है।
शहपुरवा गांव में जनार्दन यादव (58) अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार में बेटा राजेश यादव (28) और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी बबिता (30) की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी सीमा (21) घर में रहती है। पत्नी की आठ साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है।
जनार्दन रोज की तरह सुबह बेटे के साथ खेत में काम करने चले गए। थोड़ी देर बाद दोनों की करंट लगने से मौत हो गई। रास्ते से गुजरने वाले लोगों की नजर पड़ी तो जनार्दन और राजेश बिजली के तार से लिपटे जमीन पर पड़े थे। शोर मचाकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। परिजन और पुलिस को सूचना दी।
पिता और भाई की मौत की खबर सुनकर घर पर बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह भी गांव पहुंचीं। बहन उनसे लिपटकर रोने लगी। विधायक ने समझाया। वो खुद भी भावुक हो गईं।
इस बीच गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। बिजली विभाग पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। पुलिस और विधायक के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

