मेरठ 22 जुलाई (प्र)। सील की गई 44 संपत्तियों के मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए आवास एवं विकास परिषद एक दो दिन में नोटिस जारी करेगी। नोटिस जारी होने के बाद मानचित्र से इतर हुआ निर्माण 15 दिन में नहीं तोड़ा तो परिषद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी ध्वस्तीकरण का खर्च भी भूखंड स्वामियों से वसूला जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद परिषद कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
44 संपत्तियों का सर्वे पूरा हो गया है। 16 संपत्तियों में एक से अधिक लोगों का स्वामित्व है। इसमें 130 दुकानदार हैं। नोटिस देने के बाद संपत्ति मालिकों को सील खोलने के लिए परिषद को प्रार्थना पत्र भी देना होगा। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नोटिस विधिक परीक्षण के लिए मुख्यालय भेजा है। एक दो दिन में नोटिस जारी किए जाएंगे।
स्वामित्व के प्रमाण दें दुकानदार
परिषद ने उन दुकानदारों से स्वामित्व के अभिलेख मांगे हैं, जिनकी दुकानें हैं। सर्वे में सामने आया है कि एक-एक संपत्ति पर पांच से 13 लोगों की दुकानें हैं। ऐसे में उन सभी से रजिस्ट्री की फोटो कापी आदि मांगी गई हैं। यह कवायद इसलिए की जा रही है कि संपत्ति ध्वस्त होने के बाद अगर ऐसे दुकानदारों के पुनर्वास की बात होती है। तो कोई विवाद न हो। बड़ी संख्या में दुकानें सामने के भाग में बनी है जो सेटबैक के दायरे में हैं। इससे लोगों की पूरी या दुकान का बड़ा भाग टूट जाएगा।
पुनर्वास पैकेजों के विकल्पों पर नहीं बन पा रही एकराय
आवास विकास अधिकारी शास्त्रीनगर सेक्टर दो और गोल मंदिर रोड पर धरनारत महिलाओं व व्यापारियों से संपर्क कर उनसे पुनर्वास पैकेजों पर राय देने को कह रहे हैं, लेकिन लोग अभी उहापोह की स्थिति में हैं। गुरुवार को इस संबंध में बैठक होनी है। अधिकारी उनसे स्थिति स्पष्ट करने को कह रहे हैं, ताकि मांगपत्र शासन को भेजा जा सके। कुछ लोग दुकान और फ्लैट को लेकर उत्साहित हैं लेकिन इसके बदले उन्हें अपना मकान विल्डर को देना होगा । विल्डर भी तीन साल में दुकान और फ्लैट बनाकर देगा। तव तक परिवार कहां रहेगा और जीवकोपार्जन कैसे होगा, यह भी बड़ा प्रश्न है। अगर दूसरी जगह दुकान लेते हैं तो उसमें भी डेढ साल का समय लगेगा। इसके साथ सेटबैक छोड़ने के लिए मकान को तोड़ना होगा। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ईडक्यूएस और एलआइजी श्रेणी के मकान मालिकों के साथ बैठक करके उनकी राय के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

