मुजफ्फरनगर 14 जुलाई। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय की आइसीयू में रोगी को पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। लिवर की बीमारी के कारण उसे तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आइसीयू में ही बगल के बेड में भर्ती रोगी व उसके स्वजन से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि उन्होंने बाहर से युवकों को बुलाकर इतना पीटा कि नाक से निरंतर खून बहने लगा। उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
गांव बिलासपुर निवासी वेल्डिंग ठेकेदार 45 वर्षीय रमेश पाल के लिवर में समस्या थी। उनका 10 जुलाई से आइसीयू में उपचार चल रहा था। रविवार देर रात तीन बजे रमेश का बगल के बेड पर भर्ती गोशाला रोड निवासी अस्थमा रोगी महिला और उसके स्वजन से विवाद हो गया।
आरोप है कि महिला रोगी के पुत्र संजय ने रमेश पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मारपीट की। इसके बाद बाहर से अपने साथियों को बुलाकर पिटाईकरवा दी। मारपीट से घायल रमेश की नाक से खून बहने लगा। अस्पताल के कर्मचारियों ने इमरजेंसी में भर्ती कराया। सुबह लगभग साढ़े आठ बजे रमेश ने दम तोड़ दिया।
रोगी की मौत के बाद स्वजन तथा ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा कर दिया। कहा कि जिला अस्पताल में गार्ड तैनात रहते हैं, उसके बाद भी घटना हो रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली है। रमेश पाल के पुत्र सागर ने पीटकर हत्या किए जाने की तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपित संजय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
रमेश पाल के पुत्र सागर पाल ने बताया कि उसके पिता का तीन दिन से इलाज चल रहा था। वह स्वस्थ हो रहे थे। सोमवार लगभग तीन बजे उन्हें चक्कर आया और वह पास के ही बेड पर बैठ गए थे। इसी बीच दूसरे मरीज के तीमारदारों ने उसके पिता के साथ मारपीट की। बताया कि वह अपनी बीमारी को लेकर आरोपितों से गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई की। सोमवार को उसके पिता की अस्पताल से छुट्टी होनी थी, लेकिन वह हमेशा के लिए चले गए। घटना से स्वजन में कोहराम मच गया।
नगर कोतवाली इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार शर्मा का कहना है कि जिला चिकित्सालय में कहासुनी के बाद रोगी के साथ मारपीट की गई थी। इससे लिवर की बीमारी से पीड़ित को गहरी चोट लग गई और उसकी नाक से खून बहना बंद नहीं हो सका। सोमवार लगभग साढ़े आठ बजे रोगी की मौत हो गई। उसके पुत्र की तहरीर पर आरोपित संजय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जिला अस्पताल सीएमएस संजय कुमार वर्मा का कहना है कि जिला अस्पताल के आइसीयू में भर्ती रोगियों में कहासुनी हो गई थी। महिला रोगी के तीमारदारों व उसके साथियों ने लिवर रोग से ग्रस्त मरीज के साथ मारपीट कर दी। इससे उसकी नाक से खून बहना बंद नहीं हो सका। उपचार के दौरान रोगी की मौत हो गई। इस मामले में मुझे शिकायत नहीं मिली है।

