मेरठ 14 जुलाई (प्र)। बरसात के बाद उमस भरी गर्मी बढ़ने के साथ प्रदूषण में भी वृद्धि हो रही है। मेरठ में वायु की गुणवत्ता सोमवार को देश में सबसे खराब आंकी गई। शाम चार बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 325 था। पीएम 10 और पीएम 2.5 की मात्रा अत्यधिक बड़ी हुई रही। पांच दिन पहले मेरठ की हवा पूरी तरह स्वच्छ (एक्यूआइ 47 ) थी। सोमवार को एक्यूआई 325 पहुंच गया।
देश के 241 शहरों में केवल दो शहरों मेरठ (325) और ग्रेटर नोएडा (303) में एक्यूआइ रेड श्रेणी में रहा। रेड श्रेणी का मतलब है कि एक्यूआइ का 300 या उससे अधिक होना। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वातावरण मैं नमी की मात्रा दिन में भी बढ़ी हुई है। सड़कों से उड़ रही धूल और वाहनों के धुएं का फैलाव नहीं हो पा रहा, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।
प्रमुख शहरों का एक्यूआइ
मेरठ 325
ग्रेटर नोएडा 303
मुजफ्फरनगर 284
हापुड़ 278
दिल्ली 246
गाजियाबाद 243
गर्मी ने निकाला पसीना, हीट इंडेक्स 49 डिग्री पर
भारी बरसात के बाद उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है। हवा नहीं चलने के कारण गर्मी के तेवर और तल्ख हैं। सोमवार को हीट इंडेक्स 49 डिग्री सेल्सियस आंका गया। यह वह तापमान होता है, जो हमें नमी बढ़ने पर महसूस होता है। मेरठ ही नहीं एनसीआर के आसपास के सभी शहरों में लोग उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना हो गए। वहीं मानसून के जल्द सक्रिय होने की संभावना भी नहीं है। चार दिनों तक झमाझम बरसात के बाद मानसून तराई क्षेत्रों में शिफ्ट हो गया है। मेरठ समेत आसपास के जनपदों में नमी का उच्च स्तर बना है। सोमवार को नमी का न्यूनतम प्रतिशत 56 रहा। अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री न्यूनतम सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र प्रभारी डा. यूपी शाही ने बताया कि एक सप्ताह तक बरसात की संभावना नहीं है। तापमान 38 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच सकता है। सोमवार को रात में तेज हवा चली। कहीं कहीं बूंदाबांदी भी देखने को मिली। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

