मेरठ 13 जुलाई (प्र)। कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार यूपी व उत्तराखंड सरकार पहले से ज्यादा सख्ती बरतेगी। यात्रा में शिवभक्तों की सबसे ज्यादा संख्या मेरठ जोन में रहती है, इसलिए मेरठ जोन में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। विभिन्न कांवड़ों की ऊंचाई व चौड़ाई तय कर दी गई है। डाक कांवड़ की अधिकतम रफ्तार भी तय की जाएगी। विद्युत दुर्घटनाएं रोकने के लिए पैदल कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से अधिक और झांकी कांवड़ की ऊंचाई दस फीट से अधिक नहीं होगी। तय मानकों से ऊंची कांवड़ हरिद्वार से यूपी में प्रवेश नहीं कर सकेगी।
हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि इसका पालन पूरे उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। मेरठ जोन में भी इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। कांवड़ यात्रा में जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, भाले, त्रिशूल तलवार और अन्य हथियारों के साथ चलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रा में शामिल लोगों के पास वैध पहचान पत्र होना जरूरी है। इस बार कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने की सूचना है। आवागमन सुचारु रखने के लिए रूट प्लान बनाया जा रहा है। दिल्ली-देहरादून इकोनामी कारिडोर से इस बार आवागमन सुचारू रखने में मदद मिलेगी। ध्वनि प्रदूषण जुगाड़ वाहन और रेट्रो साइलेंसर का प्रयोग पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि प्रदूषण फैलाने या यातायात व्यवस्था बाधित करने वालों, बसों व रेल में छत व लटककर यात्रा करने वालों और यात्रा में शराब व अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी भानु भास्कर का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन उत्तर प्रदेश में भी प्रभावी रहेगी। कांवड़ यात्रा के दौरान त्रिशूल धारदार व नुकीले हथियार लेकर चलने पर पाबंदी रहेगी। कांवड़ व डाक कांवड़ की ऊंचाई व दुपहिया वाहनों को लेकर जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। अस्थाई पुलिस चौकियां और चेकपोस्ट बनाने का कान भी शुरू हो गया है। कांवड पटरी मार्ग से लेकर एनएच- 58 पर ननाम जगहों पर लोकेशन देखी गई है। दूसरी ओर, गोदीपुर पुलिस चौकी, सिवाया टोल प्लाजा, भोला झाल पर मिनी कंट्रोल रूम बनाने को लेकर भी व्यवस्था बनाई जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ पुलिस ने अस्थाई चौकी चेकपोस्ट के लिए जगह देखनी शुरू कर दी है। सर्वे शुरू कर दिया गया है।
गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर मुजफ्फरनगर बार्डर से लेकर गाजियाबाद के बीच नेरल पुलिस अस्थाई पुलिस चौकी और चेकपोस्ट बनाती है। इन्हें दोबारा से बनाने का काम शुरू हो गया है। फिलहाल 10 जगहों पर पुलिस चौकी और 15 चेकपोस्ट बनाने को लेकर सहमति बनी है। वहीं, दूसरी ओर एनएच-58 ख्मेरल गढ़ रोड, मेरठ हापड रोड, मेरठ बागपत और बड़ी रोड पर ऐसी लोकेशन देखी जा ही हैं, जहां पुलिस टोन की तैनाती की जा सके। सभी बड़े मंदिरों और मेला स्थलों पर भी पुलिस चौकियों को बनाने का काम शुरू कराया जाएगा।
इतना ही नहीं, मेरठ में औघड़नाथ मंदिर, मोदीपुरम पुलिस चौकी, एसपी सिटी कार्यालय सिवाया टोल, भोला शाल पुलिस चौकी, नानू पुल संगत कई जगहों पर लिस, सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाने का काम शुरू हो गया है।

