Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • फरीदाबाद के 70 प्राइवेट स्कूल ब्लैकलिस्ट, अब नहीं होंगे दाखिले, मान्यता के खेल में फंसा छात्रों का भविष्य
    • छोटा परिवार ही खुशियों की आधार पूंजी
    • 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का मात्र 16 दिनों में एसआईआर के तहत डिजिटलीकरण
    • टीम इंडिया की हार पर श्रेयस अय्यर-गौतम गंभीर की होगी रिव्यू मीटिंग
    • छात्रों को विदेश में पढ़ाने भेजने वाले कॉलेज व यूनिवर्सिटी दे पूरी जानकारी, क्या पता उनका स्टेटस क्या है
    • ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर उठा ऐतराज, अब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक बनाए गए आखिर समय से चुनाव कराने में क्या परेशानी है
    • मंडलायुक्त और डीएम दें ध्यान! कोचिंग सेंटरों के संचालकों से शपथ पत्र लेकर मेडा द्वारा सील खोलने की चर्चा जनहित में नहीं, नागरिक इसे लखनऊ और दिल्ली जैसी घटनाओं को आमंत्रण देना ठहरा रहे हैं
    • भगवान श्रीकृष्ण के अवतार ‘जगन्नाथ’ की रथयात्रा का पुण्य सौ यज्ञों के बराबर
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»निरीक्षक से एआरटीओ बने ललित कुमार के घर आकूत दौलत का मिला खजाना, छापे में 22किलो सोने-चांदी के बिस्किट 1.62 करोड़ नगद बरामद
    देश

    निरीक्षक से एआरटीओ बने ललित कुमार के घर आकूत दौलत का मिला खजाना, छापे में 22किलो सोने-चांदी के बिस्किट 1.62 करोड़ नगद बरामद

    adminBy adminJuly 9, 2026No Comments8 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ 09 जुलाई। आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर विजिलेंस छापे में काली कमाई का खुलासा हुआ है।

    छापे में पैकेट में छिपाकर रखे 1.62 करोड़ रुपये नकद, करीब 20 करोड़ के सोने चांदी के 22 किलो बिस्किट व आभूषण, 13 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों के दस्तावेज और करोड़ों के अन्य निवेश के साक्ष्य मिले। शुरुआती आकलन में बरामद संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये है।

    मूलरूप से रायबरेली के नूर मार्केट के रहने वाले आगरा के तत्कालीन एआरटीओ ललित वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं। आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि ललित के खिलाफ परिवहन आयुक्त द्वारा वर्ष 2020 में की गई शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) के कानपुर सेक्टर ने जांच की थी।

    जांच में ललित की आय सभी वैध स्रोतों से करीब 93 लाख रुपये की मिली थी जबकि संपत्तियों को खरीदने एवं भरण पोषण में 1.62 करोड़ रुपये खर्च करने की पुष्टि हुई थी। एसीओ ने 11 जून 2024 को कानपुर सेक्टर के थाने में ललित पर एफआईआर दर्ज की थी जिसकी विवेचना शासन ने विजिलेंस को सौंपी थी।

    विजिलेंस ने अदालत से सर्च वारंट लेकर मंगलवार को उनके अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के आवास पर पुलिस बल की मौजूदगी में छानबीन की। छापे की कार्रवाई बुधवार सुबह पूरी हुई। डीजीपी राजीव कृष्ण ने टीम में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

    दो तिजोरियों में मिले जेवरात
    छापे में ललित के घर पर कई लॉकर व ज्वैलर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दो तिजोरियां मिली हैं जिसमें नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और जेवरात बरामद हुए। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार, रिवॉल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉजिट आदि में करीब एक करोड़ से भी अधिक के निवेश के सुबूत मिले।

    तीन साल पहले भी हुई थी जांच, दब गया था मामला
    आगरा में तैनात रहे पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की टीम ने तीन साल पहले भी छापा मारा था। सूत्र बताते हैं कि मामले को दबा दिया गया था। वहीं बुधवार को विजिलेंस की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्ट अफसर सकते में आ गए हैं।

    इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभाग के भीतर यह चर्चा है कि इस कार्रवाई का असर उन अधिकारियों पर भी पड़ सकता है, जिनके खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं।
    सूत्रों का दावा है कि कई अधिकारी अपनी कथित बेनामी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन को लेकर सतर्क हो गए हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी व्यापक जांच की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, ललित कुमार के कार्यकाल को लेकर पहले भी कई तरह की शिकायतें सामने आती रही थीं।

    विभागीय सूत्रों का कहना है कि वाहन फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य परिवहन संबंधी सेवाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां अर्जित किए जाने को लेकर जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

    एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
    इधर, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी एजेंसियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि विभागीय संरक्षण के कारण कुछ एजेंसियां आम लोगों से मनमानी वसूली कर रही हैं और शिकायतों के बावजूद उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
    पीड़ितों की ओर से लगातार शिकायतें किए जाने के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा है। हाल ही में प्रभावित लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    निरीक्षक से बने थे एआरटीओ
    एआरटीओ ललित कुमार पहले संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ एंटी करप्शन ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन प्रोन्नति के बाद राजपत्रित अधिकारी बनने की वजह से इसकी विवेचना का जिम्मा विजिलेंस को सौंप दिया गया। वह बीते वर्ष आगरा में तैनात रहने के दौरान सेवानिवृत्त हो गए थे।

    डेढ़ वर्ष तक एआरटीओ रायबरेली में किया कार्य
    आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार का रायबरेली के नूर मार्केट मिलन सिनेमा गली में मकान है। ललित कुमार ने शहर के जीआईसी में पढ़ाई की थी। साथ ही रायबरेली के जिस मकान में वह परिवार के साथ रहते थे। उनको पाटीदार के रूप में मिला था।
    वर्ष 2010-11 में ललित कुमार रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में आरआई के पद पर भी कार्यरत रहे थे। करीब डेढ़ साल तक वह आरआई के पद पर रायबरेली में काम करते रहे। इसके बाद स्थानांतरण हुआ था। आरआई बनने से पहले वह रोडवेज में फोरमैन थे। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तीन माह पहले ललित कुमार रायबरेली आए थे।

    इन संपत्तियों के मिले दस्तावेज
    सी-143, सेक्टर-ई, अलीगंज, लखनऊ (आवासीय भवन)
    सी-145, सेक्टर-ई, अलीगंज, लखनऊ (आवासीय भूखण्ड)
    खसरा नं-1321, मोहल्ला भरावन कला, बालकगंज, लखनऊ (आवासीय भूखण्ड)
    532/491 बनारसी टोला, अलीगंज, लखनऊ (आवासीय भवन)
    1631, कल्ली पश्चिम, मोहनलालगंज, लखनऊ (आवासीय भूखण्ड)
    मोहनलालगंज चौरहिया, लखनऊ में कृषि भूमि
    ग्राम बेगरिया मोहनलालगंज में कृषि भूमि

    lucknow retired-arto-lalit-kumar tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news vigilance-raids
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    फरीदाबाद के 70 प्राइवेट स्कूल ब्लैकलिस्ट, अब नहीं होंगे दाखिले, मान्यता के खेल में फंसा छात्रों का भविष्य

    July 11, 2026

    छोटा परिवार ही खुशियों की आधार पूंजी

    July 11, 2026

    1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का मात्र 16 दिनों में एसआईआर के तहत डिजिटलीकरण

    July 11, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.