मेरठ 07 जुलाई (प्र)। सावन में कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले शिवभक्तों के लिए राहत भरी खबर है। इस बार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) कांवड़ यात्रा दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रैपिड रेल सेवा को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा है। कैंट विधायक अमित अग्रवाल के अनुरोध के बाद एनसीआरटीसी ने संकेत दिए हैं कि जरूरत के अनुसार रैपिड रेल के कोचों की संख्या और फेरों में बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल को पत्र भेजकर कांवड़ यात्रा के दौरान सिवाया टोल से सराय काले खां तक आने- जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त कोच और अधिक फेरे संचालित करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि सावन के दिनों में बड़ी संख्या में शिवभक्त दिल्ली और मेरठ के बीच आवाजाही करते हैं। ऐसे में यदि रैपिड रेल की क्षमता बढ़ाईं जाती है तो सड़क मार्ग पर दबाव भी कम होगा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और तेज यात्रा का विकल्प मिलेगा। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने विधायक को आश्वस्त किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे और ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे। उद्देश्य यही रहेगा कि यात्रियों को समयबद्ध सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क मार्ग से निजी वाहनों, बसों और ट्रकों का सहारा लेते थे। अब रैपिड रेल के संचालन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकेंगे। इससे सड़कों पर दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी। सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि जरूरत के अनुसार रैपिड रेल के कोच और फेरे बढ़ाए जाते हैं, तो शिवभक्तों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित और आरामदायक होगी। इससे कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

