कानपुर 04 जुलाई। कमिश्नरेट पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम ने फर्जी डिग्री बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों और बोर्डों की फर्जी मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन और प्रोविजनल सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों को ऊंचे दामों पर बेचते थे. पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 59 फर्जी मार्कशीट व डिग्री, 04 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और अपराध से कमाई 453000 की नकदी बरामद की है.
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि यह फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट से जुड़ा एक बेहद शातिर और बड़ा गैंग है, जिसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है. पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों अमित और गोपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अखिलेश शुक्ला अभी फरार है. अखिलेश शुक्ला एक पुराना अपराधी है, जिसे पूर्व में लखनऊ की गोमती नगर पुलिस ने इसी तरह के मामले में जेल भेजा था। वह इसी साल मार्च-अप्रैल में जमानत पर बाहर आया था और जेल से छूटते ही उसने दोबारा फर्जी डिग्री बनाने का धंधा शुरू कर दिया.
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इस गिरोह का जाल काफी गहरा और फैला हुआ है. अब तक की जांच में इनके करीब 500 सक्रिय क्लाइंट्स की जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से ये लोग अलग-अलग बैंक खातों में यूपीआई के जरिए पैसा मंगवाते थे. जब पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों और फरार मास्टरमाइंड अखिलेश शुक्ला के बैंक खातों को खंगाला, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए. इन खातों से अब तक करीब 60 करोड़ से अधिक के भारी-भरकम वित्तीय लेनदेन का पता चला है. यह गिरोह काफी बड़े पैमाने पर सक्रिय था.
यह गिरोह पिछले करीब 11 वर्षों से देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एसआईटी और स्थानीय पुलिस इस नेटवर्क पर फरवरी महीने से लगातार काम कर रही थी. इस लंबी जांच के दौरान पुलिस अब तक हजारों की संख्या में फर्जी सर्टिफिकेट और मार्कशीट बरामद कर चुकी है. पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने अब तक देश भर में हजारों लोगों को फर्जी डिग्रियां बांटी हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है.
फिलहाल इस पूरे मामले में थाना फीलखाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गिरोह के मास्टरमाइंड अखिलेश शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.

