सहारनपुर 02 जुलाई। शहर में बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब एसबीआई कॉलोनी के कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची. कमरे के भीतर एक तरफ लैब टेक्नीशियन सैम कमनिश (40) का शव खिड़की के सहारे फंदे से लटका हुआ था. उसके हाथ की नस भी कटी हुई थी. दूसरी ओर फर्श पर शिक्षिका आस्था (23) का शव पड़ा था. उसके मुंह से झाग निकल रहा था.
शुरुआती जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि आस्था ने जहरीला पदार्थ खाया, जबकि सैम ने पहले हाथ की नस काटी और फिर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार परिवार की असहमति, सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों के बीच चार साल पुराने रिश्ते का दुखद अंत हो गया. पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
करीब 4 साल पहले आस्था की मां गंभीर रूप से बीमार हुई थीं. इलाज के लिए उन्हें मेडीग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस दौरान आस्था कई दिनों तक अस्पताल में मां की देखभाल करती रही. इसी दौरान उसकी मुलाकात अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत केरल निवासी सैम कमनिश से हुई. पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया. मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया और 4 वर्षों तक दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहे.
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि सैम पहले से शादीशुदा था. उसकी पत्नी भी पहले मेडीग्राम अस्पताल में कार्यरत थी, लेकिन करीब 4 साल पहले दिल्ली चली गई और वहीं एक निजी अस्पताल में नौकरी करने लगी.
इसके बाद सैम सहारनपुर में अकेला रह रहा था. इसी दौरान उसका आस्था से रिश्ता गहरा होता चला गया. हालांकि दोनों की उम्र में करीब 17 साल का अंतर था, लेकिन दोनों शादी करना चाहते थे. परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था.
बुधवार सुबह आस्था रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली, लेकिन कॉलेज नहीं पहुंची. सुबह 11 बजे कॉलेज प्रबंधन ने उसके भाई को फोन कर अनुपस्थिति की जानकारी दी. भाई ने पहले खुद तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली.
शाम तक जब आस्था घर भी नहीं लौटी तो परिवार की चिंता बढ़ गई. इसके बाद पिता रामकिशन ने पुलिस अधिकारियों को फोन कर सैम कमनिश पर शक जताया और बताया कि दोनों के बीच बातचीत होती थी.
पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. मेडीग्राम अस्पताल पहुंचकर पता चला कि सैम भी उस दिन ड्यूटी से जल्दी निकल गया था. अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की जांच में दोनों एक ही कार में जाते दिखाई दिए.
कार चालक से पूछताछ के बाद पुलिस रात करीब साढ़े दस बजे एसबीआई कॉलोनी स्थित सैम के किराए के मकान तक पहुंची. तीसरी मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था.
काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला. आखिरकार पुलिस ने दरवाजा तोड़ा. अंदर का दृश्य देखकर पुलिस और परिजन स्तब्ध रह गए. कमरे में सैम का शव फंदे से लटका था, जबकि आस्था का शव फर्श पर पड़ा था.
मौके की परिस्थितियां प्रथम दृष्टया आत्महत्या की ओर इशारा कर रही हैं, हालांकि अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. पुलिस प्रेम संबंध, पारिवारिक असहमति और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.

