मेरठ 01 जुलाई (प्र)। कंकरखेड़ा स्थित आशुतोष नर्सिंग होम और कमल नर्सिंग होम के अवैध निर्माण को लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने सख्त रुख अपना लिया है। जोनल अधिकारी निकेता सिंह ने बताया कि आशुतोष नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को एक चिठ्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि आशुतोष नर्सिंग होम की बिल्डिंग अवैध है, इसमें कोई भी व्यवसायिक गतिविधियां नहीं संचालित की जा सकती। इसका लाइसेंस निरस्त करें। मेडा के अभियंता इसकी ऊपरी मंजिल को मजदूरों को हथौडा देकर तुड़वाया जाएगा।
मेडा अभियंताओं का कहना है कि इसमें एक भाजपा नेता लगातार दवाव बना रहा है। यही नहीं, कंकरखेड़ा थाने को भी एक चिठ्ठी लिखी है कि अवैध निर्माण को आगे नहीं बढ़ने दिया जाए।
बता दें कि कंकरखेड़ा में ऑन रोड आशुतोष नर्सिंग होम और कमल नर्सिंग होम का अवैध निर्माण चल रहा है। आशुतोष नर्सिंग होम के संचालकों ने तो पर्देदारी कर निर्माण पूरा कर दिया है, लेकिन ये निर्माण मेडा अभियंताओं को दिखाई नहीं दिया। लेकिन लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी मेडा के अभियंताओं के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। मंगलवार को जोनल अधिकारी निकेता सिंह ने बताया कि आशुतोष नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने की चिठ्ठी सीएमओ को लिखी है। इसका लाइसेंस निरस्त होगा और उसके बाद पूरा नर्सिंग होम खाली कराकर हथौडा मजदूरों से बिल्डिंग गिराई जाएगी। उनका कहना है कि एक चिठ्ठी कंकरखेड़ा थाने को लिखी गई हैं, जिसमें कहा गया है कि अवैध निर्माण रुकवाया जाए तथा अवैध निर्माणकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
जोनल अधिकारी निकेता सिंह ने माना कि कमल नर्सिंग का अवैध निर्माण चल रहा है, उस पर एक टीम भेजकर मंगलवार को ही निर्माण बंद करा दिया है। इसके बावजूद निर्माण हुआ तो थाने में एफआईआर दर्ज करायी जाएगी और आगे की कार्रवाई करेंगे। मेडा अधिकारियों के अनुसार, आशुतोष नर्सिंग होम में अवैध रूप से भवन निर्माण किया गया है। इसे लेकर प्राधिकरण के अभियंताओं ने कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध निर्माण को रोकने के लिए कंकरखेड़ा थाने को भी पत्र भेजकर निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने का अनुरोध किया गया है। उधर, मेडा सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि उनकी जोनल निकेता सिंह से बातचीत हो गई है, अवैध निर्माण को लेकर जो नियमों के विपरीत किए गए हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

