लखनऊ, 01 जुलाई (ता)। अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के पर्ू्व महासचिव चंपत राय ने बड़ा बयान दिया है। घोटाला मामले में एसआईटी ने चंपत राय का बयान दर्ज किया, जिसमें उन्होंने चढ़ावा चोरी में हाथ होने से साफ इनकार किया है। चंपत राय ने पुलिस को कहा है कि उनके संज्ञान में चोरी का मामला आते ही वह तुरंत सक्रिय हो गए थे। उनके ही कहने पर संदिग्ध पकड़े गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जिन 8 लोगों पर एफआईआर हुई और अरेस्ट किया गया, वे सभी कहीं न कहीं चंपत राय से जुड़े हुए थे। ऐसे में चंपत राय से भी पुलिस ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की. जवाब देते हुए चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर में तमाम फैसलों की जिम्मेदारी उनकी खुद की थी, लेकिन कई चीजें गलत हुई हैं। वह यह बात स्वीकार करते हैं।
जब चंपत राय से आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि टिन्नू उनसे काफी समय से जुड़ा हुआ है। उन्हें कभी अंदेशा भी नहीं था कि टिन्नू कुछ ऐसा कर सकता है। हालांकि, चंपत राय ने यह बात जरूर कही कि उन्हें ही सबसे पहले इस बात की जानकारी हुई थी और पुलिस से बात करके उन्होंने ही पहली गिरफ्तारी कराई थी।
कुछ दिन पहले अनुकल्प मिश्रा की गिरफ्तारी हुई थी। इसी बात का जिक्र कर के चंपत राय ने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली थी, तभी उन्होंने पुलिस से समन्वय करके शुरुआती जांच करवाई और अनुकल्प मिश्रा को अरेस्ट करवाया था।
चंपत राय से एसआईटी ने यह सवाल भी किया कि इन लोगों की नियुक्तियां किन आधार पर हुई थी? जवाब में चंपत राय ने कहा कि नियुक्तियों के कई पैमाने थे लेकिन वह अकेले इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। तमाम लोगों की पैरवी के आधार पर इन्हें नौकरी दी गई थी। चंपत राय ने माना है कि चढ़ावा चोरी हुई है, लेकिन सीधे तौर पर अपनी भूमिका होने से इनकार किया है।
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