मुरादाबाद 01 जुलाई। वर्षों से ‘लाइनपार’ जैसी उपेक्षित पहचान से जुड़े चार लाख से अधिक लोगों को सोमवार को नई पहचान मिल गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में घोषणा की कि अब यह क्षेत्र दाऊ दयाल खन्ना नगर’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख रणनीतिकार, स्वतंत्रता सेनानी दाऊ दयाल खन्ना के प्रति श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 1983 में गठित श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति में उनके गुरुदेव महंत अवैद्यनाथ अध्यक्ष व दाऊ दयाल खन्ना महासचिव थे। राम मंदिर आंदोलन को संगठित स्वरूप देने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। उन्होंने उनकी स्मृति को नमन करते हुए कहा कि उनके नाम पर नगर का नामकरण रामभक्ति के प्रति सम्मान है। दाऊ दयाल खन्ना प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा कांठ क्षेत्र से विधायक भी रहे।
दाऊ दयाल खन्ना का जन्म नवंबर 1910 में मुरादाबाद के अताई स्ट्रीट इलाके में हुआ था। वर्ष 1996 में उनका निधन हुआ। युवा काल में ही वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने शहर में यूथ लीग की स्थापना की। दाऊ दयाल खन्ना वर्ष 1930, 1940 और 1942 के आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। कांग्रेस नेता के रूप में उनकी पहचान बनी। प्रदेश सरकार में वे स्वास्थ्य मंत्री भी बनाए गए। वर्ष 1983 में मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा था।
दाऊ दयाल खन्ना ने सार्वजनिक रूप से यह प्रस्ताव दिया था कि हिंदू समाज को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और काशी के विश्वनाथ मंदिर को लेकर संगठित प्रयास करने चाहिए। उनके विचार ने राम जन्मभूमि आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर इस विषय पर विचार करने का अनुरोध किया था।

