Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • तेलंगाना में बनेगी देश की पहली डेटा सेंटर सिटी, 24 घंटे चलेगा डेटा, नहीं रुकेगा इंटरनेट
    • नए भिखारियों की जमात जब तक नहीं सुधरेगी भिखारियों के खिलाफ अभियान चलाने का कोई औचित्य नहीं
    • डिवाइडर बंद कराने से पहले नागरिकों को गडढ़ा मुक्त सडक और फुटपाथ
    • सोशल मीडिया संचालक संदिग्ध खबरों के प्रसारण से बचें, महिला के अपहरण की कोशिश ने समाज में भय का माहौल बनाया
    • ट्रेन में भाले या अन्य खेल उपकरण यात्री डिब्बे में ले जाना उचित नहीं
    • अलीगढ़ में महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती और अशोक पाण्डेय की संपत्ति कुर्क, बैंक खाते फ्रीज
    • देश के नए IB चीफ होंगे महेश दीक्षित, तपन डेका की जगह लेंगे
    • चढ़ावा चोरी विवाद : चंपत राय का राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा, अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»नए भिखारियों की जमात जब तक नहीं सुधरेगी भिखारियों के खिलाफ अभियान चलाने का कोई औचित्य नहीं
    देश

    नए भिखारियों की जमात जब तक नहीं सुधरेगी भिखारियों के खिलाफ अभियान चलाने का कोई औचित्य नहीं

    adminBy adminJune 26, 2026No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    आए दिन भिखारियों को इस काम से हटाने के लिए अभियान चलाने की खबरें मिलती है जो अच्छी खबरें है। बाजारों बस व रेलवे स्टेशनों पर भिखारियों की संख्या बढती जा रही है जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। लेकिन अभियान से पहले जो नए भिखारी अरबपति लखपति पैदा हो रहे हैं उनकी सोच में बदलाव के प्रयास होने चाहिए। पिछले दिनों पढ़ा कि उद्योगपतियों ने करोड़ों रुपये बैंकों के मार लिए और उन्हें छूट देने के प्रयास होने लगे। व्यापार या उद्योग के लिए आए दिन सरकार से जमीन, टैक्स में राहत और बिना ब्याज के पैसों की मांग करने लगे हैं।जरुरतमंदों की मदद करना बुरा नहीं है। नए उद्योग लगाने वालों को प्रोत्साहन देना चाहिए लेकिन दशकों से उद्योग चला रहे उद्योगपति मुख्यमंत्री ये रियायतों की मांग करते हैँ तो अजीब लगताहै। यह सुविधाएं भी प्राप्त कर लेते हैँ जिससे आम आदमी में कुंठा पैदा होती है जिससे अमीर गरीब में खाई पैदा होती है। साधन संपनों द्वारा सरकार से सुविधा मांगना बंद होना चाहिए क्योंकि यह ऐसी व्यवस्था कही जा सकती है जिसे सरकार समाप्त करने की कोशिश कर रही है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    तेलंगाना में बनेगी देश की पहली डेटा सेंटर सिटी, 24 घंटे चलेगा डेटा, नहीं रुकेगा इंटरनेट

    June 26, 2026

    डिवाइडर बंद कराने से पहले नागरिकों को गडढ़ा मुक्त सडक और फुटपाथ

    June 26, 2026

    सोशल मीडिया संचालक संदिग्ध खबरों के प्रसारण से बचें, महिला के अपहरण की कोशिश ने समाज में भय का माहौल बनाया

    June 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.