मेरठ 26 जून (प्र)। ऑनलाइन गेमिंग के द्वारा सट्टे कराने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि गिरोह का सरगना फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉपर तथा 12 हजार रुपये की नगदी बरामद की है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने गुरुवार को अपने ऑफिस में प्रेसवार्ता में मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि थाना लोहियानगर पुलिस ने क्षेत्र में संचालित साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन गेमिंग का संचालन करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम शाकिब पुत्र फरमूद निवासी जाकिर कॉलोनी, सनी पुत्र रफीक निवासी शालीमार गार्डन तथा फरमान पुत्र इमरान निवासी खुशहाल नगर बताए। गिरोह का सरगना जुबैर फरार है।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने ‘सिल्वर भाई’ के नाम से एक वेबसाइट बना रखी थी। वेबसाइट के पॉप-अप पर क्लिक करके कस्टमर के पास व्हाट्सएप नम्बर भेजते थे। इसके बाद व्हाटसएप कॉल के माध्यम से लोगों से साइबर फ्रॉड के लिए संपर्क करते थे। इसके लिए अलग-अलग मोबाइल फोन में बैंक खातों को लॉगइन कर साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन गेमिंग की धनराशि का लेन-देन करते थे। एसपी सिटी ने बताया कि अभियुक्त चालू बैंक खाते खुलवाने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नई-नई जगहों पर किराये पर दुकान लेकर फर्जी फर्म बनाते थे। उसके बाद चालू बैंक खाते खुलवाते थे ऑनलाइन गेम खिलाने के लिए अभियुक्तों ने इंटरनेट पर वेबसाइट उपलब्ध कराकर लोगों को आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराते थे। इसके बाद ऑनलाइन गेम खिलाकर आर्थिक लाभ कमाते थे।
एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह का सरगना जुबैर अभी फरार है। चारों आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध तथा 5/9 ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन एक्ट 2025 में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही, आरोपियों की निशानदेही पर 20 मोबाइल फोन सिम सहित, तीन लैपटॉप, एक पासबुक, एक चेकबुक, तीन सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड, पांच आधार कार्ड तथा 12 हजार रुपये की नगदी बरामद की है जबकि 15 लाख रुपये की धनराशि आरोपियों के बैंक खातों में सीज कराई गई है। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
पाक कनेक्शन तलाशेगी पुलिस
ऑनलाइन गेमिंग के तार कहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान से तो नहीं जुड़े हैं? इसकी जांच पुलिस के द्वारा की जाएगी। इसलिए अदालत से दो दिन भीतर जेल गए शाकिब, सनी व फरमान के निजी मोबाइल फोन को लेगी। इसके बाद मोबाइल फोनों की जांच की कराई जाएगी। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि जेल गए आरोपियों के मोबाइल फोन अदालत से जांच के लिए जाएंगे। इसके बाद उनकी जांच की जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं अभियुक्तों का कॉन्टेक्ट पाकिस्तान की किसी एजेंसी से तो नहीं है।

