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    Home»देश»आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में वरिष्ठ आईएएस पंकज अग्रवाल गिरफ्तार
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    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में वरिष्ठ आईएएस पंकज अग्रवाल गिरफ्तार

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 23, 2026No Comments26 Views
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    पंचकूला 23 जून। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने आज मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसी ने अग्रवाल को 60.54 करोड़ रुपये के सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है. जांच में उनके खिलाफ कई अहम सबूत भी मिले हैं. उन्हें आज ही कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    पंकज अग्रवाल हरियाणा सरकार में स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और निकायों के खातों से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और अवैध ट्रांसफर से जुड़ा है।

    प्रारंभिक जांच में सरकारी धन को निजी खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से स्थानांतरित किए जाने की आशंका जताई गई है। CBI इससे पहले भी इस घोटाले में कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

    जांच के दौरान कई IAS अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। हरियाणा सरकार ने CBI को पंकज अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ और जांच की अनुमति दी थी।

    बताया जा रहा है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े इस कथित घोटाले का आकार समय-समय पर सामने आए तथ्यों के अनुसार 590 करोड़ रुपये से लेकर 645 करोड़ रुपये से अधिक तक बताया गया है। CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

    अब तक 17 आरोपियों को खिलाफ चार्जशीट
    राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो से जांच अपने हाथ में ली थी. इन 2 विभागों में हुई धोखाधड़ी में करीब 60.54 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई. यह IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा था, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के 504 करोड़ रुपये निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए थे.

    इस केस में सीबीआई ने अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें IDFC फर्स्ट बैंक/AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 अन्य लोग शामिल हैं.
    दूसरी ओर, पंचकूला नगर निगम में फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ IAS अधिकारी आर. के. सिंह को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से 2 और केस अपने हाथ में लिए हैं.

    एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी (CSCL)/चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा हुआ है और दूसरा CREST चंडीगढ़ से. जांच एजेंसी ने इन मामलों में एक-एक चार्जशीट भी दाखिल की है. एजेंसी ने CSCL मामले में 5 बैंकरों, 1 CSCL अधिकारी और 1 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है

    जबकि CREST से जुड़े मामले में 5 बैंकरों, 2 CREST अधिकारियों, 4 अन्य लोगों और 2 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. इसके अलावा, CREST मामले में एक सीनियर IFoS अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

    और भी अधिकारी हो सकते हैं शामिल
    पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन के कथित गबन और उसके ट्रांसफर में उनकी भूमिका क्या रही तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता थी।

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