रोहटा 23 जून (प्र)। डूंगर गांव में भाजपा नेता और किसानों के बीच चकरोड को लेकर चला आ रहा विवाद को निपटाने के लिए सोमवार को तहसील टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव में पैमाइश के लिए पहुंची। प्रशासनिक टीम ने निर्धारित राजस्व अभिलेखों के आधार पर चकरोड क्षेत्र का सर्वे और पैमाइश कार्य शुरू किया। यह प्रक्रिया शाम तक चली और करीब सात घंटे में पूरी की गई।
बता दें कि भाजपा नेता बलराज डूंगर के भाई व पूर्व प्रधान गजराज सिंह का दो माह पूर्व गांव निवासी महेंद्र व कर्ण सिंह पुत्रगण अनूप सिंह से चकरोड को लेकर विवाद हो गया था जिसमें पूर्व प्रधान गजराज सिंह पर विपक्षियों ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था।
गत माह भी तहसील टीम उक्त चकरोड से कब्जा मुक्ति कराने के लिए गांव में पहुंची थी, लेकिन उस समय महेंद्र पक्ष ने चकबंदी में सिजरा दुरुस्ती का वाद चलने का हवाला दिया था। टीम उस दिन बगैर पैमाइश किए ही बैरंग लौट गई थी।
उक्त चकरोड खसरा संख्या 161 के विवाद को निपटाने के लिए तहसील कर्मियों की टीम नायब तहसीलदार आदेश कुमार के साथ भारी पुलिस बल को लेकर सोमवार को दस बजे गांव में मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को बुलाकर पहले काफी देर तक समझाया, लेकिन जब सहमति नहीं बन पाई तो टीम ने पैमाइश की कार्यवाही कर निशानदेही करनी शुरू की। तो महेंद्र पक्ष ने टीम से कहा कि जो चकरोड की पैमाइश की जा रही है। उक्त चक रोड के बराबर में सरकारी सिंचाई की नाली है उसको भी रकबे के अनुसार पैमाइश कर चालू कराया जाए और जब तक शिजरा दुरुस्ती का ऑर्डर तहसील के रिकॉर्ड में दर्ज न हो तब तक पैमाइश न की जाए। यह सुनकर दूसरे पक्ष ने विरोध करना शुरू कर दिया। महेंद्र पक्ष से तहसील टीम भी सहमत नहीं हो पाई तो महेंद्र पक्ष ने आरोप लगा हंगामा करना शुरू कर दिया कि तहसील टीम राजनीतिक दबाव में एक पक्षीय कार्यवाही कर रही है, जो न्यायोचित नहीं है। यदि मेरी गैर मौजूदगी में एक पक्षीय कार्रवाई की गई तो उच्चाधिकारियों से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की जाएगी ओर दोबारा एसडीएम स्तर से दूसरी टीम का गठन कराया जाएगा। इसके बाद टीम ने दूसरे किसान के खेतों की पैमाइश कर निशानदेही करनी चाही तो वह भी संतुष्ट नहीं हुआ।
तहसील टीम दिन भर दोनो पक्षों को सहमत करने के प्रयास में जुटी रही वही थाना रोहटा और सरूरपुर पुलिस भी शांति व्यवस्था के लिए दिन भर मौके पर ही मुस्तैद रही। सात घंटे दोनो पक्षों को सहमत करने में बीत गए और कोई सा पक्ष पूर्णतया संतुष्ट नहीं हो पाया तो टीम ने शिजरा के अनुसार पैमाइश कर निशानदेही की कार्रवाई कर दी ओर पुलिस व अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर कर टीम शाम के समय गांव से लौट गई। टीम में नायब तहसीलदार आदेश कुमार, कानूनगो मुनेश सोम, लेखपाल शिवानी, कृष्णा पाल सिंह, विनीत सिंह आदि शामिल रहे।
किसानों के बीच नोकझोंक हुई। इस संबंध में नायब तहसीलदार आदेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष के सहमत नहीं होने के कारण पैमाइश नहीं की जा सकी, हालांकि विरोध के बावजूद निशानदेही तय कर ली गई और रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को सौंप गई है। आदेश के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

