बढ़ रहा है पारा अगले 4 दिन हीटवेब के आसार 38 डिग्री के पास पहुंच गया है पारा बारिश के आसार अगले 4 दिन तक भीषण गर्मी का अनुमान 40 डिग्री सेल्सीयस के पार जा सकता है पारा यह अनुमान मौसम विभाग आदि द्वारा व्यक्त किया जा रहा है जो गलत भी नहीं है कहा जा रहा है कि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है गर्मी भी पड़ेगी बारिश हुई तो चिपचिप और घमस भी पैदा होगी बादल छाये रहे तो कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो सकता है लेकिन यह जानकारी देने वालों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली मगर जहां तक मुझे लगता है किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि 30-40 पारा तो पिछले काफी दिनों से कई मौकों पर रहा और हर साल इतनी गर्मी तो पड़ती ही है और जब ऐसा होता चला आ रहा है तो हमें इससे घबराने की आवश्यकता कहां है। इसे प्रकृति का उपहार मानकर स्वीकार करना चाहिए क्योंकि अगर जाड़े गर्मी और बरसात न हो तो हमे इन चीजों का एहसास ही नहीं होता और जो उपलब्ध्यिों विभिन्न क्षेत्रों में हो रही है वह भी ना होती।
मेरा तो यह मानना है कि यह परमपिता परमात्मा की हम पर बड़ी कृपा है जो उन्हांेने वर्ष में हर प्रकार के मौसम दिये क्योंकि गरीब आदमी गर्मियों में शिमला कश्मीर नैनीताल और मंसूरी नहीं जा सकता तो उसका मजा लेने का मौका जाड़े बनाकर दिया जाड़ों का मौसम उसके लिए दिया क्योंकि हर व्यक्ति सर्दी से बचने के लिए हीटर या आग नहीं जला सकता तो भले ही भगवान ने हमे उपहार में गर्मियों का तोहफा दिया और पूरे वर्ष पानी मिलता रहे खेती बाड़ी समयानुसार हो इसके लिए बारिश का मौसम बनाया अगर यह ना हो तो शायद हमारे जीवन में बहुत सा अधूरापन रह जाये। और अगर सामान्य दृष्टिकोण से देखें तो बड़े आदमी स्वीमिंग पूल में जाकर नदियों किनारे पहुंचकर नहाने या क्लबों आदि में रेन डांस तो हर कोई कर नहीं सकता तो बरसात का मौसम हमे दिया कि हम जीभर खुले आम प्राकृतिक रूप से दिये गये बारिश के उपहार का आनंद उठायें इसलिए इन मौसम और पारे के घटने-बढ़ने से परेशान न हो हर मौसम को सामान्य रूप से लें ना हमें जाड़ा सतायेगा ना गर्मी और ना बरसात। हमने देखा है कि गरीब आदमी किस प्रकार से हर मौसम में एक ही समान नजर आता है क्योंकि उसके पास इसके बारे में सोचने का समय ही नहीं है यह तो कुछ साधन संपन्न बड़े लोगों की सोच है और उसे बढ़ावा एसी पंखे और कूलर के निर्माताओं द्वारा विभिन्न विभिन्न तरीकों से दिया जा रहा है लेकिन यदि हम सामान्य रूप से देखें तो 40 पारा या ठंड बहुत बड़ी बात नहीं है।
(प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए व पूर्व सदस्य मजीठिया बोर्ड यूपी संपादक पत्रकार)
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