मेरठ 19 जून (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों एवं संस्थानों को काउंसलर नियुक्ति से संबंधित सूचना निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में सभी प्राचार्यों और संस्थान प्रमुखों को पत्र जारी कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा मांगी गई सूचनाओं को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए महाविद्यालयों को निर्धारित प्रारूप में सूचना 19 जून तक विश्वविद्यालय की ई-मेल आईडी पर भेजनी होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना उपलब्ध न कराने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हित में शैक्षणिक एवं परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। विश्वविद्यालय ने एलएलबी और बीएएलएलबी पाठ्यक्रमों की प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी है। विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार एलएलबी तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर तथा बीएएलएलबी सप्तम एवं नवम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षा 19 जून को आयोजित होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह परीक्षा सहारनपुर स्थित जेवी जैन कॉलेज के विधि विभाग में सुबह 10 बजे से शुरू होगी। संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विद्यार्थियों को समय से परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होने की सूचना दें। परीक्षा विभाग ने कहा है कि सभी विद्यार्थी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित हों, जिससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके। विश्वविद्यालय ने वेबसाइट पर सूचनाएं अपलोड करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी विभागाध्यक्षों, अधिकारियों और पटल प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वेबसाइट पर प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सूचना संबंधित विभाग की आधिकारिक ई-मेल आईडी से ही भेजी जाए। आदेश के अनुसार सूचना को विश्वविद्यालय के वेब सपोर्ट ई-मेल तथा वेबसाइट प्रभारी को भेजना अनिवार्य होगा विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे वेबसाइट पर प्रकाशित होने वाली सूचनाओं की प्रमाणिकता सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर वेबसाइट संबंधी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस निर्णय को विश्वविद्यालय की डिजिटल व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अंक अपलोड न करने वाले कॉलेजों पर विवि सख्त
विश्वविद्यालय ने 38वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों के बीच परीक्षा परिणामों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने आंतरिक, प्रायोगिक, मौखिक र प्रोजेक्ट परीक्षाओं के अंक समय पर अपलोड न करने वाले महाविद्यालयों पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी जारी की है। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कई बार पत्राचार और निदेशों के बावजूद कुछ महाविद्यालयों ने विद्यार्थियों के अंक विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं, जिससे परीक्षा परिणाम तैयार करने और मेघावी छात्रों की सूची बनाने में कठिनाई हो रही है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन कॉलेजों द्वारा अंक अपलोड नहीं किए गए हैं, उनके विद्यार्थियों को फिलहाल घोषित किए जा रहे परीक्षा परिणामों और मेरिट सूची से बाहर रखा जा सकता है। प्रशासन ने ऐसे महाविद्यालयों को 20 जून तक अंतिम अवसर देते हुए अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसके लिए संबंधित महाविद्यालय स्वयं जिम्मेदार होंगे। विश्वविद्यालय का कहना है कि दीक्षांत समारोह की तैयारियों और परीक्षा परिणामों की समयबद्ध घोषणा के लिए यह कदम आवश्यक है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय लगातार कॉलेजों से समन्वय स्थापित कर रहा है, ताकि किसी भी छात्र का परिणाम प्रभावित न हो।

